प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही बिहार से जुड़ी बेटियों को बड़ी राहत। अब सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर प्रोत्साहन राशि मिलेगी। जानिए पूरी योजना।

 

कंचन क्रांति न्यूज, पटना।

 

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही बेटियों को आर्थिक संबल देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 'मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना' के तहत संचालित 'सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना' का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है।

 

समाज कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 से अब तक 4,513 महिला अभ्यर्थियों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है, जिसमें कुल 23.395 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। अब इस योजना का विस्तार कर सामान्य, ईडब्ल्यूएस और पिछड़ा वर्ग सहित सभी श्रेणियों की महिला अभ्यर्थियों को इसके दायरे में लाया जा रहा है।

 

परीक्षा स्तर के अनुसार मिलने वाली सहायता राशि


UPSC सिविल सेवा: प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 1 लाख रुपये।

IES, ISS, जियो-साइंटिस्ट (UPSC): 75 हजार से 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता।

BPSC एवं अन्य राज्य सिविल सेवा : प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये।

CDS, NDA, CBI व अन्य राज्य सेवा: 50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान।

RBI ग्रेड-बी, SBI CGL, SSC, बैंकिंग और रेलवे भर्ती: प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 30 हजार रुपये।

 

आर्थिक मजबूरी नहीं बनेगी तैयारी में बाधा

 

अब तक योजना का दायरा सीमित होने के कारण सामान्य और पिछड़ा वर्ग की कई मेधावी बेटियां लाभ से वंचित रह जाती थीं। इस विस्तार से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों से तैयारी कर रही बेटियों को भी मुख्य परीक्षा की अध्ययन सामग्री, कोचिंग और अन्य खर्चों में सीधा संबल मिलेगा।


कोट:

 

"सरकार का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना का दायरा सभी वर्गों तक बढ़ाने से यह सुनिश्चित होगा कि प्रतिभा के रास्ते में आर्थिक स्थिति बाधा न बने।"

 

- डॉ. श्वेता गुप्ता (मंत्री, समाज कल्याण विभाग)