देवघर। भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे शनिवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने श्राइन बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के टलने पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।


निशिकांत दुबे ने कहा कि वह सात साल बाद मुख्यमंत्री से मिलने की उम्मीद लेकर देवघर आए थे, ताकि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र और बाबा बैद्यनाथ धाम के विकास, मेला क्षेत्र की सुविधाओं तथा श्रद्धालुओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।


उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में मुख्यमंत्री ने श्राइन बोर्ड की एक भी बैठक नहीं ली, जबकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकिनाथ हैं। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे सनातन संस्कृति के प्रति कांग्रेस की सहभागिता वाली राजनीति का परिणाम बताया।


भाजपा सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और नियमित रूप से उसकी बैठकों में भाग लेते हैं, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से भी अधिक व्यस्त नजर आते हैं और श्राइन बोर्ड की बैठकों के लिए समय नहीं निकाल पाते।


दुबे ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में श्राइन बोर्ड की नियमित बैठकें, मंदिर परिसर का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि धार्मिक पर्यटन और देवघर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से ध्यान देगी।