DD Bar Murder Case:

जमशेदपुर: शहर के बहुचर्चित डीडी बार हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात में गंभीर रूप से घायल हुए प्रत्युष आनंद का बयान आखिरकार कोलकाता के अपोलो अस्पताल में दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस बयान से हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी और अब तक जुटाए गए तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों को और मजबूती मिलेगी।


चिकित्सकों से अनुमति मिलने के बाद बिष्टुपुर थाना की जांच टीम कोलकाता पहुंची और अस्पताल में उपचाराधीन प्रत्युष से लंबी पूछताछ की। पुलिस ने उसके बयान का वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ मिलान भी शुरू कर दिया है।


डॉक्टरों की अनुमति के बाद हुई पूछताछ

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बयान दर्ज करने से पहले मेडिकल टीम ने प्रत्युष की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की। डॉक्टरों ने पूछताछ के लिए उसे फिट घोषित किया, जिसके बाद सुरक्षित माहौल में उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने घटना से जुड़े हर पहलू पर सवाल पूछे और उसके जवाबों को केस डायरी में शामिल किया।

बार के अंदर शुरू हुआ विवाद, बाहर हुआ खूनी हमला

प्रत्युष ने पुलिस को बताया कि 27 जून की रात वह अपने मित्र विपिन सिंह के साथ बिष्टुपुर स्थित डीडी बार गया था। इसी दौरान बार के भीतर किसी बात को लेकर दूसरे पक्ष से कहासुनी शुरू हुई। पहले विवाद को वहां मौजूद लोगों ने शांत करा दिया और दोनों पक्ष अलग हो गए।


बयान के मुताबिक, कुछ देर बाद जब वह और विपिन बार से बाहर निकले तो पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में विपिन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रत्युष गंभीर रूप से घायल हो गया।


कोलकाता रेफर करना पड़ा

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए प्रत्युष को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वह अब भी इलाजरत है।


बयान में कई अहम नामों का जिक्र

पुलिस सूत्रों का दावा है कि प्रत्युष ने अपने बयान में घटना से जुड़े कई लोगों के नाम लिए हैं। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसी नाम की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि बयान में सामने आए तथ्यों का सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।


अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार

इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की लगातार छापेमारी और जांच के बाद अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी विश्वास मंडल उर्फ बंटी सहित कई आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


जांच का सबसे अहम साक्ष्य बन सकता है बयान

जांच अधिकारियों का मानना है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी और घायल होने के कारण प्रत्युष का बयान इस केस का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। यदि उसके बयान की पुष्टि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से हो जाती है, तो पुलिस की चार्जशीट और मजबूत होगी तथा अभियोजन पक्ष को अदालत में दोषियों के खिलाफ मजबूत आधार मिलेगा।


डीडी बार हत्याकांड पहले ही शहर में कानून-व्यवस्था और अपराध को लेकर बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि घायल प्रत्युष के बयान के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पुलिस इस मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है।