देवघर डीडीसी पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में ‘प्रोजेक्ट इम्पैक्ट’ एवं ‘प्रोजेक्ट RAIL’ की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में 20 नए विद्यालयों का चयन किया गया और चेकलिस्ट ट्रैकिंग व स्वच्छता रिबन जैसे नवाचारों पर निर्देश दिए गए।

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।

देवघर जिले में शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने और शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त (DDC) श्री पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा एवं संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘प्रोजेक्ट इम्पैक्ट’ एवं ‘प्रोजेक्ट RAIL’ का प्रभावी क्रियान्वयन रहा। बैठक में सारठ, मधुपुर, मारगोमुंडा एवं सरवां प्रखंड के 11 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ-साथ जिला शिक्षा अधीक्षक और DMFT की टीम मौजूद रही।

20 नए विद्यालयों का चयन और चेकलिस्ट प्रक्रिया पर चर्चा

बैठक के दौरान ‘प्रोजेक्ट इम्पैक्ट’ के बेहतर विस्तार के लिए 20 और नए विद्यालयों का चयन किया गया। उप विकास आयुक्त ने विद्यालय स्तर पर तैयार की गई चेकलिस्ट की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया और इसके क्रियान्वयन से संबंधित चुनौतियों पर प्रधानाध्यापकों के साथ सीधी चर्चा की। इसके साथ ही ‘प्रोजेक्ट RAIL’ के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और शिक्षकों द्वारा साझा की गई शिकायतों पर विचार-विमर्श करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में चेकलिस्ट को सही तरीके से संधारित करने के लिए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई।

मॉर्निंग असेंबली चेकलिस्ट: प्रार्थना सभा की दैनिक गतिविधियों और साप्ताहिक स्तर पर ग्रिड मार्किंग का रिकॉर्ड रखना।

कक्षा (क्लासरूम) चेकलिस्ट: प्रतिदिन एवं साप्ताहिक आधार पर कक्षा में संचालित होने वाली गतिविधियों का नियमित इंद्राज।

छात्र स्वच्छता एवं ग्रूमिंग ट्रैकर: प्रत्येक माह हर कक्षा के छात्रों की स्वच्छता और ग्रूमिंग का रिकॉर्ड रखना तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘मासिक हाइजीन रिबन’ प्रदान कर प्रोत्साहित करना।

सामयिक विद्यालय स्तरीय गतिविधियां: विद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और आगामी गतिविधियों की संभावित तिथियों का संधारण करना।

मासिक आत्म-मूल्यांकन: निर्धारित मानकों और थीमों के आधार पर विद्यालय के प्रदर्शन का मासिक स्तर पर स्व-मूल्यांकन करना।

उप विकास आयुक्त ने प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से आग्रह किया कि वे चेकलिस्ट में सभी जानकारियां नियमित रूप से दर्ज करें, ताकि विद्यालयों की प्रगति का वास्तविक आकलन हो सके। उन्होंने सभी चयनित विद्यालयों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी मासिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए, जिस पर उप विकास आयुक्त ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधीक्षक, चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी एवं डीएमएफटी (DMFT) की टीम उपस्थित थी।