रेल, हवाई और सड़क संपर्क से लेकर एम्स जैसी चिकित्सा सुविधा तक का दिया हवाला, कहा- देवघर में खंडपीठ बनने से अधिवक्ताओं और litigants को मिलेगी बड़ी राहत
कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।
बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ (बेंच) स्थापित करने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत के देवघर आगमन पर जिला बार एसोसिएशन ने उन्हें स्वागत संबोधन सौंपते हुए संताल परगना प्रमंडल के लिए देवघर में झारखंड हाईकोर्ट की बेंच गठित करने का अनुरोध किया। एसोसिएशन ने देवघर की भौगोलिक स्थिति, बेहतर रेल और हवाई संपर्क, अंतरराज्यीय बस सुविधा, आवासीय व्यवस्था तथा एम्स जैसी चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेख करते हुए इसे हाईकोर्ट की खंडपीठ के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताया।

2 नवंबर 2026 को जारी इस स्वागत संबोधन में जिला बार एसोसिएशन ने कहा कि संताल परगना के मुकदमों से जुड़े पक्षकारों और अधिवक्ताओं के हित में देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जानी चाहिए। इससे क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए दूर-दराज की यात्रा करने की परेशानी से राहत मिल सकेगी।
सौ साल से अधिक पुरानी है देवघर बार एसोसिएशन की विरासत

मुख्य न्यायाधीश के स्वागत में एसोसिएशन ने देवघर बार के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। पत्र में बताया गया कि देवघर बार एसोसिएशन की विरासत सौ वर्षों से अधिक पुरानी है। इस बार ने कानून के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित हस्तियां दी हैं। यहां लंबे समय तक प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी बने हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि देवघर के अधिवक्ता सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बार के कई सदस्य विधायक, विधान पार्षद और देवघर नगर निकाय के अध्यक्ष जैसे सार्वजनिक पदों पर रहकर समाज की सेवा कर चुके हैं। शुरुआत से ही देवघर बार एसोसिएशन और न्यायपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। यहां की न्यायिक व्यवस्था भी अधिवक्ताओं और मुकदमों से जुड़े लोगों की आवश्यकताओं के प्रति सहयोगात्मक रही है।
बेंच और बार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

स्वागत संबोधन में एसोसिएशन ने कहा कि न्याय की त्वरित और प्रभावी व्यवस्था के लिए बेंच और बार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। देवघर बार के सदस्य न्यायालयों की गरिमा बनाए रखने, विधिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा कायम रखने और आम नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हाईकोर्ट की बेंच के लिए देवघर में हैं सभी जरूरी सुविधाएं
देवघर में झारखंड हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने के पक्ष में एसोसिएशन ने कई महत्वपूर्ण आधार रखे हैं। पत्र में कहा गया है कि देवघर संताल परगना के लिहाज से भौगोलिक रूप से सबसे उपयुक्त स्थान है। यहां रेलवे की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अंतरराज्यीय बस स्टैंड भी उपलब्ध है। देवघर भारतीय रेलवे की मुख्य रेल लाइन से भी जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा शहर में पर्याप्त संख्या में होटल, लॉज, धर्मशाला और होम स्टे जैसी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में भी देवघर महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां एम्स जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान की मौजूदगी को भी एसोसिएशन ने अपनी मांग के समर्थन में प्रमुख आधार बताया है।
पत्र में देवघर जिला बार की समृद्ध लाइब्रेरी का भी उल्लेख किया गया है, जो अधिवक्ताओं की विधिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। एसोसिएशन का मानना है कि इन तमाम सुविधाओं को देखते हुए संताल परगना के लिए झारखंड हाईकोर्ट की बेंच देवघर में स्थापित करना न्यायहित में उचित होगा।
सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीशों का किया अभिनंदन

स्वागत संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ देवघर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद तथा झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोंगन मुखोपाध्याय का भी अभिनंदन किया गया।
अंत में जिला बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और राष्ट्र की सेवा में उनके उज्ज्वल एवं दीर्घ कार्यकाल की कामना की।
रिपोर्ट तरुण कुमार कंचन और सभी फोटो विकास कुमार
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