झारखंड के भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार ने देवघर में कृषि योजनाओं की समीक्षा की। मधुपुर के चेचाली में 100% अनुदान पर अरहर बीज बांटे और खुद खेत में उतरकर धान रोपा।
कंचन क्रांति ब्यूरो, देवघर।
झारखंड के भूमि संरक्षण सह समेति (SAMETI) निदेशक विकास कुमार बुधवार को देवघर दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने संयुक्त कृषि भवन (चांदपुर) में अधिकारियों संग उच्चस्तरीय बैठक कर कृषि योजनाओं की समीक्षा की और फिर सीधे खेतों का रुख किया।
निदेशक ने न सिर्फ योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया, बल्कि किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए खुद कीचड़ से भरे खेत में उतरकर पारंपरिक तरीके से धान की रोपनी भी की। निदेशक को अपने बीच खेत में काम करते देख स्थानीय किसान बेहद उत्साहित नजर आए।
समय और गुणवत्ता से समझौता नहीं
चांदपुर स्थित संयुक्त कृषि भवन में कृषि व भूमि संरक्षण विभाग के पदाधिकारियों और प्रसार कर्मियों की बैठक लेते हुए निदेशक विकास कुमार ने योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
लक्ष्य: आत्मा (ATMA) द्वारा संचालित प्रशिक्षण, परिभ्रमण, प्रत्यक्षण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया।
गुणवत्ता पर जोर: भूमि संरक्षण और कृषि की सभी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए।
देवीपुर में तालाब जीर्णोद्धार और प्राकृतिक खेती का जायजा
समीक्षा के बाद निदेशक ने देवीपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने भूमि संरक्षण विभाग द्वारा कराए गए तालाब जीर्णोद्धार और डीप बोरिंग कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में हो रही प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को देखा और किसानों के प्रयासों की जमकर सराहना की।
चेचाली गांव में किसान गोष्ठी: 100% सब्सिडी पर मिले अरहर बीज
निरीक्षण के अगले चरण में निदेशक मधुपुर प्रखंड की पत्थलजोड़ पंचायत स्थित चेचाली गांव पहुंचे, जहां एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया था।
अरहर बीज का वितरण: गोष्ठी के दौरान किसानों के बीच शत-प्रतिशत (100%) अनुदान पर अरहर के उन्नत बीजों का वितरण किया गया।
वैज्ञानिक महत्व बताया: निदेशक ने किसानों को समझाया कि दलहनी फसलों की जड़ों में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन फिक्सेशन (Nitrogen Fixation) करने की क्षमता होती है। इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ती है, यूरिया की जरूरत कम पड़ती है और अगली फसल को इसका भरपूर फायदा मिलता है।

ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद -
पूरे कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. बिना कुमारी टुडू, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी मुकेश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी यशराज, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) अरविंद कुमार राय, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (मधुपुर) शशांक शेखर सहित कई कृषि अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व किसान उपस्थित थे।
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