देवघर पुलिस ने नकली साइबर पुलिस बनकर लूटपाट करने वाले 'वर्दी गैंग' का पर्दाफाश किया है। हुसैनाबाद के उप मुखिया समेत 6 शातिर गिरफ्तार, देसी कट्टा, कारतूस और पुलिस की वर्दी बरामद।


कंचन क्रांति ब्यूरो, देवघर।

देवघर जिले में अपराध पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जसीडीह थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 'वर्दी गैंग' का भंडाफोड़ किया है। यह शातिर गिरोह साइबर अपराधियों की रेकी कर खाकी वर्दी पहनकर नकली 'साइबर पुलिस' बन जाता था और बंदूक की नोक पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था।

पुलिस ने मौके से हथियार, कारतूस, कैमोफ्लाज वर्दी, पुलिस स्टिक और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।


अर्धनिर्मित मकान में बन रही थी नई डकैती की योजना

देवघर पुलिस अधीक्षक (SP) को 24 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि जसीडीह थाना क्षेत्र के कोकहराजोरी से रौशन मोड़ जाने वाली मुख्य सड़क किनारे एक सुनसान अर्धनिर्मित मकान में कुछ अपराधी हथियारों के साथ एकत्र हुए हैं।

सूचना मिलते ही एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी कर औचक दबिश दी, तो वहां से 6 खतरनाक अपराधियों को दबोच लिया गया, जो एक और बड़ी डकैती की साजिश रच रहे थे।


उप मुखिया निकला गैंग का मास्टरमाइंड, सजायाफ्ता अपराधी भी शामिल

पकड़े गए अपराधियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। यह गिरोह मोहनपुर और देवीपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है:

मास्टरमाइंड (सरगना): मोहम्मद मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू (40 वर्ष), जो वर्तमान में हुसैनाबाद का उप मुखिया है। वही इस पूरे 'वर्दी गैंग' को ऑपरेट कर रहा था।

सजायाफ्ता अपहर्ता: गैंग का एक मुख्य सदस्य मो. फारुख अंसारी फिरौती के लिए अपहरण जैसे गंभीर मामले में पहले से सजायाफ्ता (कन्विक्टेड) अपराधी है।

अन्य गिरफ्तार सदस्य: सुलेमान साह (34 वर्ष), पांडेय यादव, अलताफ अंसारी उर्फ गुड्डू और मो. फारुख अंसारी।


साइबर अपराधियों को ही क्यों बनाते थे निशाना?

पूछताछ में अपराधियों ने पुलिस के सामने अपनी खौफनाक कार्यशैली (Modus Operandi) का खुलासा किया।

·      गिरोह के सदस्य बेहद सावधानी से क्षेत्र के बड़े साइबर अपराधियों की रेकी करते थे।

·      इसके बाद पुलिस की 'कैमोफ्लाज वर्दी' पहनकर खुद को 'साइबर क्राइम ब्रांच' का अफसर बताकर उनके घरों में घुस जाते थे।

·      हथियार दिखाकर वे लाखों की लूटपाट करते थे। साइबर अपराधी अवैध धंधे में लिप्त होने के डर से पुलिस में शिकायत करने से बचते थे, जिसका फायदा यह गिरोह महीनों से उठा रहा था।

 

इन स्थानों पर दे चुके थे वारदात को अंजाम:

1.    बिरमरुआ (जसीडीह): सीताराम दास के घर।

2.    चांदनपूरा (सोनारायठाढ़ी): अशरफ अंसारी के घर।

3.    चितरपोका (मोहनपुर): डाका डाला।

4.    सबेजोर/पहाड़पुर (मधुपुर): महेंद्र यादव के घर।

5.    कुरमीडीह (पथरौल): मनोज कुमार मंडल के घर फर्जी रेड डालकर लूटपाट।

जब्त सामान का ब्योरा

अवैध हथियार: 01 देसी कट्टा/पिस्तौल, 04 जिंदा कारतूस और 01 मैगजीन।

पुलिस की वर्दी: 05 पीस कैमोफ्लाज शर्ट, 05 पीस कैमोफ्लाज फुल पैंट और 05 पीस कैमोफ्लाज टोपी।

अन्य सामान: 04 प्लास्टिक डंडे (पुलिस स्टिक), 01 होंडा शाइन और 01 हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल।

छापेमारी दल में शामिल अधिकारी

इस सफल ऑपरेशन में जसीडीह थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार, देवीपुर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्ण, चितरा थाना प्रभारी रंजन कुमार, एसआई अमर कुमार, एसआई चंदन कुमार शाह, एसआई तरुण बाखला, एसआई अशोक कुमार (मधुपुर), एएसआई अभय कुमार, एएसआई कौशलेन्द्र कुमार, एएसआई सामंत कुमार और देवघर पुलिस के सशस्त्र बल व चौकीदार शामिल थे।

पकड़े गए सभी अपराधियों के खिलाफ जसीडीह थाने में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

.................................................................................................

Deoghar Crime News, Vardi Gang Deoghar, Jasidih Police Action, Fake Cyber Police Arrested, Deoghar Police Raid, Jharkhand Crime News Hindi