कुमारधुबी-मैथन मार्ग पर झिलिया पुल का डायवर्सन तीसरी बार बहने से आवागमन और जलापूर्ति ठप हो गई है। गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर हंगामा किया। पढ़ें पूरी खबर।



कुमारधुबी/मैथन। कुमारधुबी को मैथन से जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर निर्माणाधीन झिलिया पुल के समीप बनाया गया अस्थाई डायवर्सन एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बारिश के कारण पानी के तेज बहाव में यह डायवर्सन तीसरी बार बह गया है, जिससे कुमारधुबी और मैथन के बीच का सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह से ठप हो गया है। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से हजारों राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

डायवर्सन बहने के साथ ही पानी के प्रचंड वेग के कारण वहां से गुजरने वाली मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन भी टूट गई है। क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पहले से ही बाधित थी, और अब पाइपलाइन फटने से अगले दो से तीन दिनों तक पानी की सप्लाई शुरू होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। इस कारण पूरे इलाके में पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है।


लगातार तीसरी बार डायवर्सन टूटने और पीने के पानी की समस्या से आक्रोषित स्थानीय लोगों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। गुस्साए ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क पर उतरकर निर्माण कार्य से जुड़े विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार डायवर्सन का टूटना घटिया निर्माण कार्य और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।


प्रमुख मांगों में झिलिया पुल के पास ढहे डायवर्सन की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कर आवागमन बहाल किया जाए।

टूटी हुई पाइपलाइन को अविलंब दुरुस्त कर क्षेत्र में पेय जल की आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू की जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।