बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग अब घर बैठे करा सकेंगे जमीन-मकान का निबंधन। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू की मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट सेवा, जानें पूरी प्रक्रिया।
अवध कुमार, पटना।
बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को एक बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील डिजिटल पहल की शुरुआत की है। अब राज्य के 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग नागरिकों को अपनी जमीन, प्लॉट या फ्लैट की रजिस्ट्री (निबंधन) कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। वे अब घर बैठे ही पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ निबंधन करा सकेंगे।
हाजीपुर निबंधन कार्यालय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की इस नई 'मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट' व्यवस्था का भव्य शुभारंभ किया। यह महत्वाकांक्षी सुविधा सरकार के सात निश्चय-3 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है।
ई-निबंधन पोर्टल पर ऐसे बुक होगा ऑनलाइन स्लॉट
घर बैठे इस अनोखी सुविधा का लाभ उठाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को एक बेहद आसान डिजिटल प्रक्रिया से गुजरना होगा:
सबसे पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट [https://enibandhan.bihar.gov.in/](https://enibandhan.bihar.gov.in/) पर जाकर ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा।
स्लॉट बुक करते समय उम्र के सत्यापन के लिए पहचान पत्र (जैसे आयु प्रमाण पत्र) की फोटो अपलोड करनी होगी।
स्लॉट आवंटित होते ही विभाग की 'मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट' तय तारीख और समय पर सीधे आवेदक के घर पहुंचेगी।
हाईटेक होगी मोबाइल यूनिट, तुरंत मिलेगा कागजात का PDF
घर पहुंचने वाली इस मोबाइल यूनिट में इंटरनेट युक्त लैपटॉप, बायोमेट्रिक डिवाइस, वेबकैम और डिजिटल प्रमाणीकरण की आधुनिक व्यवस्था रहेगी। घर पर ही दस्तावेजों का मिलान, बायोमेट्रिक सत्यापन और त्वरित निबंधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जैसे ही रजिस्ट्री पूरी होगी, दस्तावेजों का पीडीएफ लिंक आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के जरिए तुरंत भेज दिया जाएगा।
यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। जो बुजुर्ग पुरानी व्यवस्था के तहत कार्यालय जाना चाहते हैं, वे वहां जाकर भी रजिस्ट्री करा सकते हैं। फिलहाल यह सेवा पटना और हाजीपुर के 10 निबंधन कार्यालयों में शुरू की गई है, जिसे जल्द ही पूरे बिहार में लागू किया जाएगा।
रजिस्ट्री से पहले मिलेगी संपत्ति की पूरी कुंडली, पेपरलेस हुई व्यवस्था
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस पहल के साथ ही राज्य में पूर्णतः पेपरलेस निबंधन की भी शुरुआत कर दी है। अब ई-निबंधन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही डिजिटल दस्तावेज तैयार होंगे। इसमें फीस की स्वचालित गणना, ई-चालान, ई-स्टांप और डिजिटल सिग्नेचर की आधुनिक व्यवस्था शामिल है।
इसके अलावा, अब धोखाधड़ी रोकने के लिए खरीदार को निबंधन से पहले ही संपत्ति की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी। यदि किसी संपत्ति को लेकर कोई अतिरिक्त विवरण चाहिए, तो संबंधित अंचल अधिकारी (CO) या राजस्व अधिकारी को 10 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट देनी होगी। जमीन के सटीक स्थल निरीक्षण के लिए अब जीआईएस (GIS) तकनीक का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है।
जनता ने फैसले को सराहा: बुजुर्गों के लिए वरदान है यह योजना
सरकार के इस कदम का आम जनता ने खुले दिल से स्वागत किया है। कंचन क्रांति से बातचीत में राज्य के विभिन्न जिलों के नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी:
सर्वनंदन कुमार (शेखपुरा): "उम्र बढ़ने के बाद लंबा सफर तय करना और कार्यालयों में लाइन लगाना बेहद कष्टदायक होता है। सरकार की यह व्यवस्था बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।"
शिवकुमार सिंह (फुलवारी शरीफ): "आने-जाने की भागदौड़ से बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ता था। घर बैठे निबंधन की इस सुविधा से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत बड़ी राहत मिलेगी।"
रातिब कुमार (पातेपुर, वैशाली): "यह एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है। इससे वृद्ध लोगों को लाइन में लगने और दफ्तरों के अंतहीन इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।"
अशर्फी सिंह (हाजीपुर) एवं सज्जन कुमार (पटना): "इस बेहतरीन पहल से न केवल बुजुर्गों की परेशानियां खत्म होंगी, बल्कि उनके समय और पैसे की भी भारी बचत होगी। बिना किसी झंझट के काम चुटकियों में हो सकेगा।"
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