जमुई के चंद्रदीप में युवक अंकित कुमार की मौत का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा किया। मां ने मौसा-फूफा संग मिलकर बेटे की खुदकुशी को हत्या का रूप दिया था और ससुराल वालों पर झूठा केस किया था। सुसाइड नोट ने खोला राज, मां समेत 4 गिरफ्तार। पूरी रिपोर्ट कंचन क्रांति पर।


कंचन क्रांति ब्यूरो, जमुई

जमुई जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर गांव के बहियार में मंगलवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के कुम्हराबा गांव निवासी अंकित कुमार के रूप में हुई।

शव मिलने के बाद अंकित की मां और परिजनों ने रो-रोकर आसमान सिर पर उठा लिया और इसे सीधे-सीधे हत्या का मामला बताते हुए लड़की पक्ष पर आरोप मढ़ दिया। लेकिन जब जमुई पुलिस ने इस मामले की वैज्ञानिक ढंग से परतें खोलनी शुरू कीं, तो एक ऐसा खौफनाक सच सामने आया जिसने खाकी को भी हैरान कर दिया। जमुई के एसडीपीओ सतीश सुमन ने बुधवार की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया।

प्रेम विवाह का दुखद अंत और फिर शुरू हुआ गंदा खेल

एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि मृतक अंकित कुमार ने हाल ही में प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था और वह अपनी पत्नी के साथ नवादा वाले घर में रह रहा था।


साजिश का पूरा घटनाक्रम:

· नवादा में खुदकुशी: पुलिस की तकनीकी जांच के अनुसार, अंकित ने घरेलू विवाद या किन्हीं कारणों से मंगलवार की रात नवादा में अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

· लाश को ठिकाने लगाने का प्लान: बेटे की मौत के बाद मां और रिश्तेदारों ने दुख मनाने के बजाय लड़की वालों से बदला लेने की ठानी। मां ने मौसा और फूफा के साथ मिलकर अंकित की लाश को गाड़ी में लादा और जमुई के चंद्रदीप इलाके के मोहनपुर बहियार में फेंक दिया।

·  झूठा केस और बहू को छिपाया: साजिश के तहत लड़की के पिता समेत 7 रिश्तेदारों पर हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। साथ ही, अंकित की पत्नी को अलीगंज के सोनखार गांव में एक रिश्तेदार के घर छिपा दिया गया ताकि वह सच न बता सके।


पुलिस की मुस्तैदी: मोबाइल और सुसाइड नोट ने खोली पोल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चंद्रदीप थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्य, मोबाइल टावर लोकेशन और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया, तो कहानी पलट गई।

पुलिस ने सबसे पहले सोनखार गांव में छापेमारी कर मृतक अंकित की पत्नी को सकुशल बरामद किया। इसके बाद जब अंकित का मोबाइल खंगाला गया, तो उसमें आत्महत्या से पहले बनाए गए कई महत्वपूर्ण वीडियो और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट और वीडियो से यह पूरी तरह साफ हो गया कि अंकित ने बिना किसी दबाव के खुदकुशी की थी और उसकी हत्या नहीं हुई थी।


कलयुगी मां समेत चार साजिशकर्ता पहुंचे जेल

अंकित की लाश को ठिकाने लगाने, साक्ष्य मिटाने और बेकसूर लोगों को झूठे केस में फंसाने की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है।

पुलिस ने मृतक की मां संगीता देवी, फूफा ईश्वरी मिस्त्री, मौसा मधुसूदन मिस्त्री और सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पूछताछ में चारों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। जमुई पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और महज 24 घंटे के भीतर किए गए इस बड़े खुलासे की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं, जिससे इलाके में चल रही तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है।

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