देवघर में 'नमस्ते' योजना के तहत कचरा बीनने वालों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए मोबाइल ऐप से सर्वे शुरू हो गया है। 18 वर्ष से ऊपर के लाभार्थियों को PPE किट और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। पूरी खबर कंचनक्रांति पर पढ़ें।
कंचनक्रांति ब्यूरो, देवघर।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामले, पंचायती राज, और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई 'NAMASTE' योजना के तहत अब कचरा बीनने वालों (वेस्ट पिकर्स) के जीवन स्तर को सुधारने की एक बड़ी कवायद शुरू हो गई है। देवघर में ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से पंचायत स्तर पर ऐसे लोगों की पहचान के लिए एक विशेष सर्वे की शुरुआत की जा रही है।
मोबाइल ऐप से होगा सर्वे, अधिकारियों को मिली ट्रेनिंग
इस योजना के तहत पंचायत सचिव मोबाइल ऐप के जरिए सभी वेस्ट पिकर्स का विस्तृत सर्वे करेंगे। सर्वे को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले के सभी पंचायत सचिवों और प्रखंड नोडल अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर पंकज भूषण पाठक ने प्रेजेंटेशन के जरिए योजना और सर्वे की बारीकियों को समझाया। उन्होंने सभी अधिकारियों को ऐप पर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड बनाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम की शुरुआत में मास्टर ट्रेनर गोपाल साह ने योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि अंत में प्रमोद कापड़ी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।
18 वर्ष से ऊपर के लोगों को मिलेगी PPE किट और सरकारी योजनाएँ
'नमस्ते' योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के कचरा बीनने वालों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा के लिए PPE किट, विशेष जूते, दस्ताने (ग्लव्स) दिए जाएंगे।
इसके साथ ही, इन सभी लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
महत्वपूर्ण दस्तावेज: इस योजना और सर्वे का लाभ उठाने के लिए वेस्ट पिकर के पास पहचान के तौर पर आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
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