पटना के बिहटा में 10 महीने से फरार चल रहे पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव मिलने से सनसनी। परिजनों ने थाना प्रभारी पर लगाया गंभीर आरोप। FSL टीम जांच में जुटी। पूरी खबर कंचन क्रांति पर।
कंचन क्रांति ब्यूरो, पटना।
पटना के बिहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह राघोपुर गांव के तरवां स्थित एक बोरिंग के पास से पूर्व मुखिया का शव बरामद किया गया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बिहटा-बिक्रम मुख्य मार्ग और बेउर के पास बायपास रोड को पूरी तरह जाम कर दिया।
सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन, 5 किमी लंबा लगा महाजाम
पूर्व मुखिया की मौत से गुस्साए लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन किया, जिसके कारण करीब 5 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया। इस 5 घंटे लंबे जाम में कई एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंसी रहीं। हालात को बेकाबू होते देख पटना ट्रैफिक डीएसपी (5) और दानापुर डीएसपी (2) अमरेंद्र कुमार झा समेत तीन थानों की पुलिस बल और क्यूआरटी को मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अंत में सिटी एसपी संकेत कुमार द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही लोगों ने जाम हटाया।
परिजनों का गंभीर आरोप: 'अपराधियों संग मिलकर थाना प्रभारी ने कराई हत्या'
मृतक पूर्व मुखिया की बहन ने स्थानीय पुलिस पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। बहन का दावा है कि बिहटा थाना प्रभारी ने अपराधियों के साथ साठगांठ कर संजय यादव की हत्या करवाई है। परिजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात संजय यादव की फोन पर परिवार से बात हुई थी। वह उस वक्त पटना में ही था, लेकिन रात में घर नहीं लौटा और सुबह सीधे उसका शव बधार (खेत) से बरामद हुआ। परिजनों को अंदेशा है कि अपराधियों ने गला दबाकर उसकी हत्या की और शव को साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से बोरिंग के पास फेंक दिया।
मौके पर बुलाई गई फॉरेंसिक (FSL) टीम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बिहटा पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक (FSL) टीम को मौके पर बुलाया। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
10 महीने से फरार चल रहे थे पूर्व मुखिया, कई आपराधिक मामले थे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ बिहटा थाने में आर्म्स एक्ट, रंगदारी और जमीन से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें वह पिछले 10 महीनों से फरार चल रहे थे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर 2025 में तत्कालीन सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में संजय यादव के आवास पर बड़ी छापेमारी हुई थी, जहाँ से पुलिस ने अवैध राइफल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उस वक्त उनके छोटे भाई मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया था। इसी अवैध हथियार मामले में दो दिन पहले ही कोर्ट से संजय यादव के खिलाफ वारंट जारी हुआ था और पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।
जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वजह: थाना प्रभारी
बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया: ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम ने राघोपुर के बोरिंग के पास से शव बरामद किया है। प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर चोट या हत्या के सीधे निशान नहीं मिले हैं। परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन या किसी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
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