देवघर के कुंडा में आरएसएस द्वारा 'कुटुंब प्रबोधन वर्ग' का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रांत संयोजक शकलदेव चौधरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परिवार संस्कार और समर्पण का केंद्र है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
कंचनक्रांति ब्यूरो, देवघर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कुटुंब प्रबोधन विभाग द्वारा रविवार को कुंडा स्थित उमा नलिनी सरस्वती विद्या मंदिर में 'कुटुंब प्रबोधन वर्ग' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने अपने परिवारों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, पारिवारिक संस्कारों का संवर्धन करना और समाज में आपसी संवाद, समरसता तथा आत्मीयता की भावना को मजबूत करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई। इस दौरान प्रश्न मंच, पालक मार्गदर्शन, अनुभव कथन, संघ गीत, बौद्धिक सत्र और भारत माता की सामूहिक आरती जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
वर्तमान समय में परिवारों के बीच नियमित संवाद बेहद जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और रांची से आए प्रांत कुटुंब प्रबोधन संयोजक शकलदेव चौधरी ने अपने बौद्धिक संबोधन में कहा, "भारतीय संस्कृति में परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं है, बल्कि यह संस्कार, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का मुख्य केंद्र है। वर्तमान समय में परिवारों के बीच संवाद, आत्मीयता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है।" उन्होंने परिवार को समाज निर्माण की बुनियादी इकाई बताते हुए हर घर में नियमित संवाद, सामूहिक भोजन और संस्कारयुक्त वातावरण के निर्माण का आह्वान किया।
संस्कारों का संरक्षण समय की मांग
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवघर हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राखी रानी ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि एक सशक्त परिवार ही सशक्त समाज और राष्ट्र की आधारशिला होता है। आज के दौर में परिवारों में संस्कारों का संरक्षण करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
इस अवसर पर देवघर के विभाग प्रचारक वीगेंद्र जी, जिला संघ चालक गणेश बरनवाल तथा नगर संघ चालक डॉ. आनंद वर्धन विशेष रूप से उपस्थित रहे और स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।
समाज के हर घर तक अभियान पहुंचाने का संकल्प
इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में देवघर संयोजक मुकेश कुमार, नगर संचालक रोहित कुमार, निलेश कुमार, जिला संयोजक अखिलेश कुमार मोदी और नगर कुटुंब प्रबोधन संयोजक सुजीत कुमार ने अग्रिम भूमिका निभाई।
समारोह में मदन राव, नंदकिशोर कुमार, विनायक कुमार, अमित राव, प्रतिभा जी, ज्योति जी, मंजू जी, बबली जी, लक्ष्मी जी, कुमोद जी, रूपा बरनवाल सहित भारी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित थे। सभी ने परिवार को संस्कारों की प्रथम पाठशाला मानते हुए इस 'कुटुंब प्रबोधन अभियान' को समाज के हर घर तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोजन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
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