रांची। हॉकी झारखंड में चुनाव संपन्न होने के महज एक दिन बाद संगठन के भीतर विवाद गहरा गया है। कार्यकारिणी समिति में स्पोर्ट्समैन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट (पुरुष) श्रेणी से शामिल किए गए जयंत केरकेट्टा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने हॉकी झारखंड को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा है।
जयंत केरकेट्टा को रविवार को हुए हॉकी झारखंड के चुनाव में कार्यकारिणी समिति में शामिल किया गया था। चुनाव के बाद उन्हें इस श्रेणी में जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने पद छोड़ने का फैसला कर लिया। हालांकि, इस्तीफे के पीछे का आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जयंत केरकेट्टा का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पत्नी और भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा हॉकी झारखंड के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल थीं।
असुंता लकड़ा का आरोप है कि हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने उनके खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस आरोप के बाद कई पूर्व हॉकी खिलाड़ी और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि हॉकी झारखंड के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भोलानाथ सिंह सार्वजनिक रूप से असुंता लकड़ा से माफी मांगें। इस मुद्दे को लेकर संगठन के भीतर भी असंतोष देखने को मिल रहा है।
रविवार को हुए हॉकी झारखंड के चुनाव में भोलानाथ सिंह लगातार चौथी बार अध्यक्ष चुने गए। चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ, लेकिन इसके साथ ही असुंता लकड़ा और उनके समर्थकों की ओर से चुनाव प्रक्रिया तथा संगठन के कामकाज पर सवाल भी उठाए गए थे।
जयंत केरकेट्टा के इस्तीफे को इसी विवाद की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे में सार्वजनिक रूप से किसी कारण का उल्लेख नहीं किया है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार को हॉकी झारखंड का चुनाव हुआ।
भोलानाथ सिंह लगातार चौथी बार अध्यक्ष चुने गए।
जयंत केरकेट्टा कार्यकारिणी समिति में स्पोर्ट्समैन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट (पुरुष) श्रेणी से शामिल हुए।
चुनाव के अगले ही दिन उन्होंने ई-मेल के जरिए इस्तीफा दे दिया।
इसी दौरान असुंता लकड़ा अध्यक्ष भोलानाथ सिंह पर अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं।
पूर्व खिलाड़ियों और आदिवासी संगठनों ने भोलानाथ सिंह से सार्वजनिक माफी की मांग की।
हॉकी झारखंड का यह चुनाव पहले से ही विवादों में रहा है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं और असुंता लकड़ा ने अध्यक्ष भोलानाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बावजूद चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ और भोलानाथ सिंह लगातार चौथी बार अध्यक्ष चुने गए। अब जयंत केरकेट्टा के इस्तीफे और विरोध प्रदर्शनों ने संगठन के भीतर चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है।
