झारखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यभर में अलर्ट जारी किया है। पिछले एक माह में स्वाइन फ्लू के 8 मरीज मिले हैं। अस्पतालों में 10 अतिरिक्त बेड आरक्षित करने और रेलवे-एयरपोर्ट पर जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

कंचन क्रांति ब्यूरो, रांची।

 झारखंड में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद सभी उपायुक्तों (DC), सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों-प्राचार्यों और जिला सर्विलांस पदाधिकारियों को सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं।

मालूम हो कि रांची में एच1एन1/ एच3एन2 संक्रमण (स्वाइन फ्लू) के मामलों में अगस्त में तेजी देखी गई है। उपलब्ध जांच रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में अब तक 11 सैंपल की जांच की गई, जिनमें आठ मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अगस्त में संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 72.72 फीसदी दर्ज की गई।

  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल की व्यवस्था मजबूत करने को कहा है। साथ ही सभी जिलों में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों (ILI) और गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों की कड़ी निगरानी व रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

अस्पतालों में 10 अतिरिक्त बेड सुरक्षित रखें

 

स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स समेत सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, सदर अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और अनुमंडलीय अस्पतालों में मरीजों की त्वरित पहचान और इलाज सुनिश्चित करने को कहा है। सभी बड़े अस्पतालों में एच1एन1 मरीजों के लिए कम से कम 10 अतिरिक्त बेड सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा पर्याप्त ऑक्सीजन, आवश्यक दवाओं, जांच किट, आईसीयू-एचडीयू बेड और प्रशिक्षित मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता

 

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों वाले लोगों का तुरंत चिकित्सकीय आकलन कर जरूरत पड़ने पर एच1एन1 की जांच कराई जाएगी।

क्या है एच1एन1 :

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 एक संक्रामक श्वसन रोग है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी शामिल हो सकती हैं। हालांकि इनमें सभी लक्षणों को एच1एन1 से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन ऐसे लक्षण सामने आने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बता दें कि अधिकांश गंभीर लक्षण वाले मरीजों, बुजुर्गों और अन्य जोखिम वाले लोगों में विशेष निगरानी की जरूरत होती है।


घबराएं नहीं, सतर्क रहें: स्वास्थ्य मंत्री

 

डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि एच1एन1 एक श्वसन संबंधी वायरल संक्रमण है, जो समय पर पहचान और सही इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों या घबराहट में न आएं। लक्षण दिखने पर खुद से दवा (सेल्फ-मेडिकेशन) लेने के बजाय निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की सलाह लें। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की पूरी मशीनरी नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट पर है।

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