जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL के 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। 7 सदस्यीय SIT गठित, रांची के होटलों पर छापेमारी और 5 आरोपी 5 दिन की रिमांड पर।
कंचन क्रांति ब्यूरो, रांची।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितता के मामले में CID ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। CID ने परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी 'टीडीपीएल' (TDPL) के तीन कर्मचारियों—हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गुरुवार को हिरासत में लिए जाने के बाद शुक्रवार देर शाम इनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई।
इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
रांची के होटलों में छापेमारी, साक्ष्य जब्त
जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईडी की टीम ने रांची के अरगोड़ा और चुटिया इलाकों में स्थित दो होटलों में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने होटलों के बुकिंग रजिस्टर और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनसे गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
जांच के लिए 7 सदस्यीय SIT का गठन, जारी किए हेल्पलाइन नंबर
मामले की गहराई से छानबीन के लिए CID ने सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। CID के SP पूज्य प्रकाश को इस एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। टीम में DSP सरिता मुर्मू, DSP नेहा बाला समेत इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
आम जनता से सहयोग की अपील:
CID ने इस घोटाले से जुड़ी कोई भी जानकारी या दस्तावेज साझा करने के लिए हेल्पलाइन जारी की है:
मोबाइल नंबर: 9934309058
ईमेल आईडी: complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in
5 आरोपी 5 दिनों की CID रिमांड पर
जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार 5 मुख्य आरोपियों को CID ने 5 दिनों की रिमांड पर लिया है। इस दौरान CID दो तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। रिमांड पर लिए गए आरोपियों में शामिल हैं:
1. श्वेता गुप्ता (उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC)
2. रामवीर सिंह (निदेशक, TDPL एजेंसी)
3. मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी (मार्केटिंग मैनेजर)
4. मो. उस्मान (कर्मचारी)
5. एबाद (कर्मचारी)
मास्टरमाइंड अभय तिवारी का रहा है आपराधिक इतिहास
मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल अभय कुमार तिवारी का आपराधिक इतिहास रहा है। इसी साल अप्रैल महीने में रांची के सदर थाने में उसके खिलाफ अपहरण और रंगदारी का मामला दर्ज हुआ था। आरोप था कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आदित्य पांडे नामक युवक का अपहरण किया और उसके पिता से 1.5 लाख रुपये की रंगदारी वसूली।
तब पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर तैनात अभय तिवारी को सदर पुलिस ने जेल भेजा था, हालांकि कुछ सप्ताह बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। CID अब उसके पुराने संपर्कों और सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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