झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के विरोध में सैकड़ों अभ्यर्थी धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के परिसर में जबरन घुस गए। पुलिस बल तैनात, इलाके में BNS धारा 163 लागू।


रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद से अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री की हालिया घोषणा के बाद नौकरी से बाहर हुए अभ्यर्थियों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धुर्वा स्थित सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) के बाहर जमा हुए और सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई जब अभ्यर्थियों ने सुरक्षा घेरे को दरकिनार कर दिया। आक्रोशित छात्र प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट का ताला खोलकर जबरन परिसर के भीतर दाखिल हो गए। मौके पर तैनात पुलिस बल ने छात्रों को रोकने की हर संभव कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थियों की भारी संख्या के आगे पुलिस की तमाम तैयारियां नाकाफी साबित हुईं।


परिसर के भीतर प्रवेश करते ही अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। 'आवाज दो, हम एक हैं', 'न्याय दो या फांसी दो' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारों से पूरा प्रोजेक्ट भवन परिसर गूंज उठा। हजारों छात्रों के एक साथ परिसर में प्रवेश करने से वहां अफरा-तफरी और भारी तनाव का माहौल बन गया।


प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के मुख्य द्वार को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस दौरान कई अभ्यर्थी जमीन पर लेटकर रोते हुए न्याय की गुहार लगाते नजर आए। छात्रों की मांग है कि JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रोजेक्ट भवन परिसर में अतिरिक्त भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है। मौके पर पहुंचे हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने स्थिति का जायजा लिया और बताया कि इस संवेदनशील क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू है।


डीएसपी नीरज कुमार ने अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे सभी पढ़े-लिखे और जिम्मेदार नागरिक हैं। इस प्रकार के अति-संवेदनशील सरकारी स्थल पर बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करना अवैध है और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने मीडिया के जरिए भी छात्रों से स्थिति की संवेदनशीलता को समझने और तुरंत परिसर से बाहर निकलने का अनुरोध किया है। फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को समझाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास में जुटे हैं।