JPSC के तीनों सदस्यों ने दिया इस्तीफा, डॉ. जमाल अहमद ने अभ्यर्थियों के नाम जारी किया भावुक पत्र। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने की घोषणा—11वीं-14वीं JPSC की ED और CID करेगी जांच।

 


कंचन क्रांति ब्यूरो, रांची।

 

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोपों के बीच राज्य सरकार और आयोग के स्तर पर बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। JPSC के तीनों सदस्यों—डॉ. जमाल अहमद, डॉ. अजीता भट्टाचार्य और डॉ. अणिमा हांसदा ने अपने पदों से इस्तीफा देकर राज्यपाल को त्यागपत्र सौंप दिया है।

 

डॉ. जमाल अहमद का भावुक त्यागपत्र

 

इस्तीफे के बाद सदस्य डॉ. जमाल अहमद का भावुक संदेश भी सामने आया है। उन्होंने अभ्यर्थियों के नाम जारी अपने पत्र में लिखा कि वे एक सदस्य के साथ-साथ उस परीक्षार्थी के दर्द को समझते हैं जो सालों मेहनत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और आयोग की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने त्यागपत्र दिया है, ताकि अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

 

उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि कार्यकाल के दौरान उन्होंने निष्ठा से कार्य किया और व्यक्तिगत हितों से ऊपर संस्था की मर्यादा को रखा। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत हार का नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक है कि संस्थाएं व्यक्तियों से बड़ी होती हैं।

 

वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के मुख्य ऐलान

 

अभ्यर्थियों के साथ हुई वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार के सख्त रुख और निर्णयों की जानकारी दी:


दो स्तरों पर होगी जांच: 11वीं से 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 के बैकलॉग मामलों की दोहरी जांच कराई जाएगी। वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगी, जबकि अन्य गड़बड़ियों की जांच CID के माध्यम से होगी।

रिटायर्ड जजों की निगरानी कमेटी: CID जांच की निष्पक्ष निगरानी (Monitoring) के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा।

JSSC CGL रद्द नहीं होगी: मंत्री ने स्पष्ट किया कि JSSC CGL परीक्षा को सरकार रद्द नहीं कर सकती, क्योंकि यह परीक्षा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में संपन्न कराई गई है।

परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार: भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार (Reforms) के लिए IIM और XLRI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से तकनीकी व रणनीतिक मार्गदर्शन लिया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थियों की उम्र सीमा में छूट दिए जाने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है।

..........................................................................................

 

JPSC Member Resign, Dr Jamal Ahmad Resignation Letter, JPSC ED CID Probe, Sudivya Kumar Sonu, JSSC CGL Exam Update, Jharkhand News, Ranchi News