झारखंड में JSSC CGL व JPSC परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले में CID ने JSSC कार्यालय व सचिव के आवास पर छापेमारी की। पूर्व चेयरमैन समेत 20 से अधिक लोग गिरफ्तार।
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और OMR शीट में गड़बड़ी के मामलों में CID (क्राइम ब्रांच) ने अपनी जांच तेज कर दी है। CID की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय और सचिव सुधीर गुप्ता के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
CID की टीम ने रांची स्थित JSSC कार्यालय पहुंचकर आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से घंटों पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने JSSC CGL और अन्य हालिया परीक्षाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड, हार्डवेयर, गोपनीय फाइलें और OMR शीट के कार्बन कॉपी रिकॉर्ड्स खंगाले तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
कार्यालय में कार्रवाई के साथ-साथ CID की दूसरी टीम ने JSSC सचिव के सरकारी एवं निजी आवास पर भी छापेमारी की। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि परीक्षा संचालन करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों और आयोग के अधिकारियों के बीच किस प्रकार का साठगांठ या लेनदेन हुआ था।
CID की जांच के केंद्र में JSSC CGL समेत कई अन्य परीक्षाएं हैं। आयोग द्वारा जारी नतीजों और अभ्यर्थियों की OMR शीट्स (विशेषकर कार्बन कॉपी) की गहन स्क्रूटनी की जा रही है। संदेह है कि कई मामलों में OMR शीट्स में साठगांठ के जरिए बाद में फेरबदल की गई थी।
इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए CID ने रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह समेत राज्य के विभिन्न जिलों में संदिग्धों, कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और एजेंटों के ठिकानों पर समानांतर रेड मारी है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते समेत अब तक 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
जांच एजेंसियां अब आयोग के अधिकारियों, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और बिचौलियों के बीच के पैसों के लेनदेन व डिजिटल साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी हुई हैं, जिससे इस बड़े रैकेट के अन्य प्रमुख चेहरों का भी पर्दाफाश हो सके।