देवघर पुलिस का साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार! पाथरौल में छापेमारी कर 7 शातिर साइबर अपराधियों को दबोचा। फ्लिपकार्ट, फोन-पे और एयरटेल पेमेंट बैंक के नाम पर करते थे ठगी। टाटा पंच कार समेत 17 एटीएम कार्ड बरामद।
कंचन क्रांति ब्यूरो, देवघर।
देवघर के नए पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीण पुष्कर के पदभार संभालते ही साइबर अपराधियों के खिलाफ हंटिंग तेज हो गई है। गुरुवार को पुलिस महकमे को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में चलाई गई विशेष मुहिम के तहत 7 शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस और पाथरौल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पाथरौल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
देशभर के लोगों को बनाते थे शिकार, इन 7 ठगों की हुई गिरफ्तारी:
पकड़े गए अपराधियों के पास से मिले मोबाइल और सिम की जांच में देशव्यापी ठगी के सुराग मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में नन्दकिशोर दास (21 वर्ष) - करनपुरा, थाना देवीपुर, जितेन्द्र यादव (21 वर्ष) - सरिया टोला बसतपुर, थाना मोहनपुर, मो० लालमुद्दीन अंसारी (30 वर्ष) - केराबनी, थाना पालाजोरी, रफीक अंसारी (33 वर्ष) - केराबनी (सागराजोर), थाना पालाजोरी, अनवर अंसारी (34 वर्ष) - माथाडंगाल, थाना पालाजोरी, विक्की महरा (19 वर्ष) - रंगासिरसा, थाना पाथरौल और कृष्णा दास (19 वर्ष) - सिमरातरी (पड़ुवा), थाना पथरड्डा शामिल है।
खतरनाक है ठगी का स्टाइल: APK फाइल भेजकर उड़ाते थे बैंक खाता
पुलिस की पूछताछ में इन अपराधियों की चौंकाने वाली कार्यशैली (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है। ये ठग इन तरीकों से लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालते थे:
कस्टमर केयर का फर्जीवाड़ा: Google Pay, PhonePe, Paytm, Flipkart और Amazon Pay के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को 'कैशबैक' का लालच देते थे।
APK फाइल का जाल: पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ (RTO) चालान के नाम पर पीड़ितों को फर्जी APK फाइल भेजते थे, जिससे मोबाइल का पूरा एक्सेस (कंट्रोल) इनके पास आ जाता था।
एयरटेल थैंक्स ऐप फ्रॉड: फर्जी एयरटेल पेमेंट्स बैंक अधिकारी बनकर अकाउंट बंद होने का डर दिखाते थे और चालू करने के नाम पर पैसे उड़ा लेते थे।
एटीएम से निकासी: ठगी गई रकम को ये गिरोह अलग-अलग एटीएम के जरिए तुरंत निकाल लेता था और आपस में बांट लेता था।
कैश, कार और सिम कार्ड का जखीरा बरामद
पुलिस ने अपराधियों के ठिकाने से बड़े पैमाने पर गैजेट्स और नकदी बरामद की है:
· मोबाईल फोन: 09
· सिम कार्ड: 16 (जिसमें 2 प्रतिबिंब ऐप पर ब्लैकलिस्टेड पाए गए हैं)
· ए०टी०एम० कार्ड: 17
· चेकबुक व पासबुक: 03 चेकबुक, 01 पासबुक
· नगद राशि: ₹45,000 (पैंतलीस हजार रुपये)
· लक्जरी वाहन: 01 टाटा पंच (Tata Punch) कार
देशभर में दर्ज हैं केस: तकनीकी जांच और जप्त मोबाइल नंबरों/IMEI नंबरों के मिलान से पता चला है कि इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की कई शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं।
इस जांबाज टीम को मिली सफलता
इस शानदार ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक ललित खलखो, पाथरौल थाना प्रभारी पुअनि दिलीप कुमार बिलुंग और पाथरौल थाने की पूरी सशस्त्र टीम शामिल थी।
कंचन क्रांति वर्डिक्ट: देवघर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से साफ है कि जिले में साइबर अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। बहरहाल, कंचन क्रांति अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और सतर्क रहें!
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