कोडरमा (झारखंड)। जिले के सतगांवा प्रखंड अंतर्गत राजावर पंचायत के ठेसवा गांव में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने एक मकान में आयोजित हो रही चंगाई सभा का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहर से आई एक टीम गांव के भोले-भाले लोगों को जुटाकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रलोभन दे रही थी।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेसवा गांव में बुधवार को बाहर से आई एक टीम द्वारा गुप्त रूप से चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। इसमें गांव के कई स्थानीय लोगों को एकत्रित किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इस सभा के जरिए लोगों को बहला-फुसलाकर और विभिन्न प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी।
जैसे ही इस बात की खबर गांव के अन्य लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों को लगी, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और सभा का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस, मामला शांत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दल-बल के साथ गांव पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।
बाहरी टीम का पक्ष:
चंगाई सभा आयोजित करने आई बाहरी टीम के सदस्यों ने अपने बचाव में कहा कि वे किसी भी तरह का गलत काम या अवैध धर्म परिवर्तन नहीं करा रहे थे, बल्कि केवल अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने आए थे।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले को शांत करा दिया है और पूरे प्रकरण की गहनता से छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
