लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 'पुजारी' के भेष में पहुंचे सांसद पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन के बाद भेष बदलकर संसद आने वाले सांसदों को सख्त चेतावनी दी और इसे संसद की मर्यादा का उल्लंघन बताया।
नयी दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भेष बदलकर और अजीबोगरीब परिधान पहनकर संसद आने वाले सांसदों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह के आचरण से संसद की पवित्रता, परंपरा और गरिमा को ठेस पहुँच रही है।
यह मामला तब सामने आया जब निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में ‘पुजारी’ की वेशभूषा धारण करके सदन पहुंचे थे।
हंगामे के बीच प्रश्नकाल बाधित
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्य गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए आसन के करीब (वेल में) पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की:
ओम बिरला ने कहा:
"मैंने कई बार आग्रह किया है कि प्रश्नकाल बेहद महत्वपूर्ण समय होता है, यह सीधे तौर पर सदस्यों का समय है। नियोजित तरीके से इसमें गतिरोध पैदा न करें। आज प्रियंका गांधी जी का भी प्रश्न सूचीबद्ध है और वे पूछने के लिए खड़ी हैं, लेकिन आप लोग कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।"
तख्तियों और भेष बदलने पर आपत्ति
अध्यक्ष ने सदन में तख्तियां और बैनर लाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संसद की समृद्ध परंपराओं और नियमों के खिलाफ है।
सांसदों के पहनावे और विरोध के तरीके पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा:
"कुछ माननीय सदस्य जिस तरह भेष बदल-बदलकर आ रहे हैं, यह मेरी उन्हें सीधी चेतावनी है। कई सांसदों ने मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर और पत्र लिखकर संसद भवन व परिसर की गरिमा बनाए रखने का अनुरोध किया है। इस तरह के आचरण से आप संसद की पवित्रता को समाप्त कर रहे हैं।"