कैलिफोर्निया।  गूगल के 4500 से अधिक कर्मचारियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई को एक याचिका सौंपी है, जिसमें छंटनी के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग की गई है। अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने सुंदर पिचाई के कार्यालय में यह याचिका पहुंचाई।

इससे पहले लगभग 100 कर्मचारियों ने गूगल परिसर के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन भी किया। यूनियन ने इसे गूगल के इतिहास में नौकरियों की सुरक्षा पर कर्मचारियों का सबसे बड़ा अभियान बताया है।

सुंदर पिचाई और तीन वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित इस याचिका में मांग की गई है कि कर्मचारियों को गारंटीकृत सेवा-समाप्ति मुआवजा दिया जाए। साथ ही अनिवार्य छंटनी से पहले स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के विकल्प (बायआउट) की सुविधा दी जाए। कर्मचारियों ने प्रदर्शन को लेकर तय किए जाने वाले कोटे को समाप्त करने और मुआवजा राशि को तुरंत नौकरी से हटाने के बजाय विस्तारित वेतन अवकाश के रूप में देने का आग्रह किया है।


यूनियन का तर्क है कि जैसे-जैसे एआई कार्यस्थल के स्वरूप को बदल रही है, कर्मचारियों को कंपनी के इस बदलाव का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन की अध्यक्ष पारुल कौल ने कहा कि कंपनी अभूतपूर्व सफलता और मुनाफा कमा रही है। इसके बावजूद छंटनी और कटौती का निर्णय लेना यह दर्शाता है कि लोगों से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी जा रही है। यह अभियान तकनीक उद्योग में बढ़ती चिंता को रेखांकित करता है, जहां कंपनियां एआई तकनीक पर भारी निवेश कर रही हैं और साथ ही कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही हैं। यूनियन का कहना है कि बार-बार की जा रही छंटनी का इस्तेमाल अब अंतिम उपाय के बजाय एक व्यावसायिक रणनीति के रूप में हो रहा है। पिछले दो वर्षों में कई तकनीकी कंपनियों ने एआई पर खर्च बढ़ाते हुए नौकरियां कम की हैं, जिससे कर्मचारियों में यह डर पैदा हो गया है।