रायबरेली की 38 ग्राम पंचायतों में 3.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में घपले का खुलासा हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पूर्व प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी कर वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है।
रविशंकर सिंह, रायबरेली।
जिले में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है। सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट में रायबरेली की 38 ग्राम पंचायतों में 3.51 करोड़ रुपये का घपला उजागर हुआ है। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2024-25 के दौरान इन पंचायतों में विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम धनराशि का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन धरातल पर कराए गए कार्यों से संबंधित कोई भी अभिलेख (दस्तावेज) विभाग को नहीं मिले।
⚠️ अभिलेख न देने पर होगी आधी-आधी वसूली
मामले का खुलासा होने के बाद संबंधित महकमे ने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिले की उन 38 पंचायतों के पूर्व प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर दिया गया है, जिनके यहां अभिलेख गायब मिले हैं।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि नोटिस के माध्यम से संबंधितों को जल्द से जल्द कार्य से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय पर दस्तावेज नहीं दिए जाते हैं, तो भुगतान की गई कुल धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसमें आधा-आधा हिस्सा पूर्व प्रधानों और सचिवों से वसूला जाएगा।
इन प्रमुख पंचायतों में बरती गई सबसे ज्यादा मनमानी
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, बेलाभेला, अहल, निगोही, बंडई, माधोपुर निनैया, सोहबल, मुरारमऊ, रामपुर गहिरखेत, पिंडारीकला, बरउआ, अतरेहटा, हरदोई, मैदापुर, बासीपरान, उबरनी, चांदा, धनाबाद, पड़ीराकला, बिन्नवा, सांई और कोरचंदामऊ समेत कुल 38 पंचायतों के जिम्मेदार इसकी जद में आए हैं।
सबसे बड़े घपले वाली कुछ प्रमुख पंचायतें और उनकी राशियां इस प्रकार हैं-
ग्राम पंचायत और ब्लॉकघपले की धनराशि (रुपये में)
बेलाभेला (राही) 1,65,38,409
अहल (डीह) 48,27,503
निगोही (डीह) 28,03,175
बंडई (लालगंज) 8,10,000
माधोपुर निनैया (सलोन) 7,40,000
सोहबल (डलमऊ) 7,10,000
मुरारमऊ (सरेनी) 5,27,428
रामपुर गहिरखेत (डलमऊ) 5,20,000
प्रशासन के इस सख्त रुख से लापरवाह पूर्व प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट रविशंकर सिंह