वैशाली के राघोपुर में जर्जर नाव पलटने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत। रामपुर श्यामचंद गांव के एक ही परिवार के 7 बच्चों की गई जान। ग्रामीणों ने DM का किया घेराव। पढ़ें कंचन क्रांति न्यूज।

कंचन क्रांति न्यूज, हाजीपुर।

वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत रामपुर श्यामचंद गांव के पास बीती रात एक दिल दहला देने वाला बड़ा नाव हादसा हो गया। जर्जर और ओवरलोडेड नौका के नदी में पलटने से 13 मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे रामपुर श्यामचंद गांव में कोहराम मच गया है और चारों ओर मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।

एक ही गोतिया के 3 घरों से उठीं 13 अर्थियां, 7 बच्चे एक ही परिवार के

घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि सभी मृतक बच्चे आपस में गोतिया (रिश्तेदार) थे और एक ही गांव के निवासी थे। ये सभी बच्चे सिदाहिन राय की दिवंगत दिव्यांग बेटी के श्राद्ध कर्म का भोज खाकर नाव से वापस लौट रहे थे। मृतकों में लड़कियों की संख्या अधिक है। जिनमें दो लड़कियों की उम्र लगभग 18 वर्ष है, जबकि बाकी 11 बच्चों की उम्र 15 वर्ष से कम थी।

मिट्टी से बंद थे छेद, 5 की क्षमता वाली नाव पर सवार थे 20 लोग

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, हादसा प्रशासनिक और नाव संचालन की घोर लापरवाही का नतीजा है। लगभग 3 साल पुरानी यह छोटी नौका पूरी तरह से जर्जर स्थिति में थी। नाव में कई छेद थे, जिन्हें अस्थायी रूप से मिट्टी से बंद किया गया था। जिस नाव की क्षमता महज 4 से 5 लोगों की थी, उस पर 20 से अधिक बच्चे सवार हो गए। पानी के तेज दबाव और वजन के कारण नाव में पानी भर गया और वह बीच नदी में पलट गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चिमनी संचालकों द्वारा किए गए अवैध मिट्टी कटाव के कारण नदी में गहरे गड्ढे बन गए थे, जिसमें डूबने से मासूमों का दम घुट गया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: DM का घेराव, CO पर हत्या के केस की मांग

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) और आरक्षी अधीक्षक (SP) सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और पहले से शिकायतों की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डीएम का जमकर विरोध करते हुए नारेबाजी की।

ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि जर्जर नाव को बदलने के लिए अंचल अधिकारी (CO) को बार-बार आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित लोग CO पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। हादसे के बाद अस्पताल में केवल एक डॉक्टर मौजूद थे। आपात स्थिति में न तो एम्बुलेंस उपलब्ध थी और न ही अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर व वेंटिलेटर की सुविधा थी।

शवों का अंतिम संस्कार, 4-4 लाख का मुआवजा

गुरुवार सुबह पुलिस व प्रशासन ने सभी मृत बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद नम आंखों से मासूमों का अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की ओर से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का चेक और कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 3-3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

................................................................................................

सुझाव, शिकायत और सूचना के लिए संपर्क करें

Office - Kanchanwani Media Network, Gayatri Colony, Opp. - Shivay Guest House, Dabour Gram, Jasidih, Deoghar, Jharkhand - 814142

Email - info@kanchankranti.com

M.N. 8987259822