मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना में कहा कि बिहार में सफल स्पेशल इंसेंटिव/इंटेन्सिव रिविजन (SIR) के कारण 2025 विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई, जो अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों से भी अधिक है।


पटना। बिहार में मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंसेंटिव/इंटेन्सिव रिविजन' (SIR) का असर 2025 के विधानसभा चुनावों में साफ तौर पर देखने को मिला है। दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले वर्ष सफलतापूर्वक चलाए गए SIR अभियान के कारण ही इस बार विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक और रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई है।


पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "बिहार लोकतंत्र की जननी वैशाली की पावन भूमि है। हमें इस बात पर गर्व है कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतनीकरण के लिए चलाया गया SIR अभियान पहली बार यहां इतनी सफलता के साथ संपन्न हुआ।" उन्होंने आगे कहा कि बिहार में इस बार हुआ मतदान प्रतिशत दुनिया के कई विकसित देशों जैसे अमेरिका (US), ब्रिटेन (UK) और फ्रांस में होने वाले मतदान प्रतिशत से भी काफी अधिक रहा।


क्या है SIR और इसका चुनाव पर प्रभाव?

SIR प्रक्रिया के तहत योग्य युवाओं के नाम प्राथमिकता से जोड़े गए और फर्जी व दोहरे मतदाताओं के नाम हटाए गए।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान से जमीनी स्तर पर मतदाताओं के बीच भरोसा और जागरूकता बढ़ी।

 बिहार का मतदान प्रतिशत विकसित देशों की लोकतांत्रिक भागीदारी से आगे निकलना भारतीय निर्वाचन प्रणाली की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।


मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा आगामी चुनावी तैयारियों और राज्य में चुनाव आयोग के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।