रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने देश की वरिष्ठ टीवी पत्रकार रुबिका लियाकत द्वारा राष्ट्रीय टेलीविजन पर झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई पेंटिंग वाली साड़ी पहनने और उसकी सराहना किए जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए इसे झारखंड की समृद्ध आदिवासी कला और संस्कृति के लिए गौरव का क्षण बताया।

चंपई सोरेन ने कहा कि सोहराई पेंटिंग वाली साड़ी आज झारखंड की एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। इस पारंपरिक कला को राज्य के आदिवासी समाज की महिलाएं अपने हाथों से तैयार करती हैं, जो उनकी सृजनशीलता, संस्कृति और विरासत का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि झारखंड की धरती पर ऐसी अनेक कलाएं और परंपराएं हैं, जिन्हें देश और दुनिया के सामने लाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय मंच पर सोहराई कला को मिली यह पहचान राज्य के लोक कलाकारों और महिला शिल्पकारों के लिए उत्साहवर्धक साबित होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने रुबिका लियाकत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लिखा, जोहार रूबिका जी। मुझे केवल आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आपकी यह छोटी-सी पहल झारखंड की हजारों वर्ष पुरानी कला-संस्कृति को देश-दुनिया के सामने नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत जितनी समृद्ध है, उसे उतना ही व्यापक मंच मिलने की जरूरत है। उनका विश्वास है कि ऐसे प्रयास राज्य की लोक कलाओं को नई पहचान देने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूती प्रदान करेंगे।