JSSC CGL और JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID ने कोडरमा के यूट्यूबर राजेश प्रसाद यादव व संदीप को गिरफ्तार किया है। वहीं, शिवांगन कोचिंग से जुड़े रवि कुमार से 5 दिनों की रिमांड पर पूछताछ जारी है।

कंचन क्रांति न्यूज़, रांची।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) CGL और JPSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी (SIT) टीम को बड़ी सफलता मिली है। सीआईडी ने कोडरमा से एक यूट्यूबर और एक ट्रस्ट संचालक को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर, JPSC परीक्षाओं में हुई धन-उगाही के मामले में शिवांगन कोचिंग संस्थान से जुड़े शिक्षक रवि कुमार को 5 दिनों की रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।

CGL पेपर लीक केस: अभ्यर्थियों से उगाही करने वाले दो 'एजेंट' गिरफ्तार

सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने कोडरमा जिले से राजेश प्रसाद यादव (निवासी: गोलवाढाब, डोमचांच) और संदीप कुमार (निवासी: पूर्णा नगर) को गिरफ्तार किया है। दोनों आपस में गहरे दोस्त बताए जाते हैं। राजेश यादव यूट्यूब चैनल चलाता है, जबकि संदीप एक ट्रस्ट का संचालन करता है।

दोनों को पहली बार 10 सितंबर को सीआईडी ने हिरासत में लिया था और समन भेजकर रांची में उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही थी। जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी पेपर लीक सिंडिकेट के लिए अभ्यर्थियों का इंतजाम करने और उनसे पैसों की वसूली करने में बिचौलियों (एजेंट) के रूप में काम कर रहे थे। कई सफल अभ्यर्थियों ने भी अपने बयानों में इनके नामों का खुलासा किया था।

JPSC परीक्षा में 60 लाख तक की वसूली की थी योजना

दूसरी ओर, JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ (CDPO) और बैकलॉग परीक्षाओं में धांधली की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच के अनुसार, शिवांगन कोचिंग संस्थान के संचालक संजीत कुमार और शिक्षक रवि कुमार मिलकर अभ्यर्थियों से 60 लाख रुपये तक की अवैध वसूली करने की योजना बना रहे थे।

सीडीपीओ परीक्षा में अंतिम चयन कराने के नाम पर कई अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये तक की वसूली की गई थी। इस पूरे खेल का पहला खुलासा आरोपी अभय तिवारी के बयान से हुआ। अभय ने खुलासा किया था कि JPSC के तत्कालीन चेयरमैन और इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों को मैनेज किया जाता था।

कैसे चलता था इंटरव्यू मैनेज करने का खेल?

सेटिंग नेटवर्क: JPSC सदस्य डॉ. अजीत भट्टाचार्य के पीए ब्रजराम और कोचिंग से जुड़े शिक्षक रवि कुमार के बीच नजदीकी संबंध थे।

कोड डिकोडिंग: टीडीपीएल (TDPL) के निदेशक रामवीर सिंह के जरिए अभ्यर्थियों के रोल कोड को डिकोड किया जाता था और उन्हें तय/मैनेज किए गए इंटरव्यू बोर्ड के सामने भेजा जाता था।

रिमांड पर शिक्षक रवि कुमार खोल रहा राज

अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद सीआईडी ने शिक्षक रवि कुमार को 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय तिवारी से मिली जानकारियों का रवि कुमार से आमना-सामना कराकर सत्यापन (Cross-verification) कराया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान रवि कुमार ने शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार की भूमिका पर कई अहम खुलासे किए हैं। इसके साथ ही उसने उन अभ्यर्थियों के नाम भी उजागर किए हैं, जिन्होंने कथित रूप से पैसों के दम पर परीक्षा में सफलता हासिल की थी। सीआईडी जल्द ही इन अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।