नई दिल्ली: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही आज (1 अगस्त) से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का असर घर की रसोई, रेल यात्रा, बैंकिंग, टैक्स, क्रेडिट कार्ड और कारोबार तक देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि आज से क्या-क्या बदल गया है।

रसोई गैस के नए दाम जारी हो सकते हैं

हर महीने की पहली तारीख की तरह आज भी तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करेंगी। पिछले महीने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए थे, जबकि 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस बार भी घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों की कीमतों पर लोगों की नजर रहेगी।

हवाई यात्रा महंगी या सस्ती हो सकती है

एलपीजी के साथ-साथ एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के नए दाम भी आज से लागू होंगे। एटीएफ की कीमतों में बदलाव का सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ता है। यदि ईंधन महंगा हुआ तो हवाई किराया बढ़ सकता है, जबकि कीमत घटने पर यात्रियों को राहत मिल सकती है।

रेलवे के तत्काल टिकट नियम में बदलाव

भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। अब आरक्षण काउंटर पर टोकन उसी समय जारी होगा, जब तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू होगी। इससे यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट के लिए दोबारा लाइन लगाने की परेशानी नहीं होगी तथा भीड़ भी कम होने की उम्मीद है।

कुछ बैंकों के सर्विस चार्ज बदले

आज से कुछ बैंक अपनी सेवा शुल्क संरचना में बदलाव कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट शुल्क में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित मासिक सीमा के बाद प्रति एसएमएस 30 पैसे का शुल्क लिया जाएगा।

महंगाई का असर बढ़ सकता है

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ कई उपभोक्ता वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार चाय, साबुन, हेयर ऑयल जैसे एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों में 6 से 8 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। वहीं टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 4 से 6 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। ऑटोमोबाइल कंपनियां भी बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

आईटीआर देर से भरने पर लगेगा जुर्माना

31 जुलाई तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले करदाताओं को अब विलंबित (बिलेटेड) रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके लिए आय के आधार पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

क्रेडिट कार्ड के नियम भी बदले

कई बैंक आज से अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े रिवॉर्ड प्वाइंट, वार्षिक शुल्क और अन्य चार्ज में बदलाव कर रहे हैं। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के नए निर्देशों के तहत बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। अब कंपनियां कंपाउंडेड फाइनेंस चार्ज की गणना में लेट फीस, सुविधा शुल्क और वैधानिक टैक्स जैसी राशि को मूल बकाया में नहीं जोड़ सकेंगी।

CKYC 2.0 की शुरुआत

बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड क्षेत्र में आज से CKYC 2.0 लागू किया जा सकता है। इसके जरिए ग्राहक की सत्यापित केवाईसी जानकारी एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से उपलब्ध होगी। इससे बार-बार अलग-अलग संस्थानों में एक ही दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जीएसटी नियमों में भी बदलाव

जीएसटी व्यवस्था में भी आज से कुछ नए प्रावधान लागू हुए हैं। अब 'बिल-टू-शिप-टू' लेनदेन में Ship-To GSTIN देना अनिवार्य होगा। साथ ही ई-इनवॉइस और ई-वे बिल प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। कारोबारियों को अब कुछ परिस्थितियों में ई-वे बिल स्वेच्छा से बंद करने की भी सुविधा मिलेगी।

एक नजर में आज के बड़े बदलाव

  • एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे।
  • एटीएफ की कीमतों से हवाई किराया प्रभावित हो सकता है।
  • रेलवे के तत्काल टिकट नियम में बदलाव लागू।
  • कुछ बैंकों के सर्विस चार्ज बदले।
  • आईटीआर देर से भरने पर जुर्माना शुरू।
  • क्रेडिट कार्ड बिलिंग और शुल्क नियमों में संशोधन।
  • CKYC 2.0 की शुरुआत।
  • जीएसटी और ई-वे बिल के नए नियम लागू।

यह सभी बदलाव सीधे आम लोगों, यात्रियों, करदाताओं, बैंक ग्राहकों और कारोबारियों की दैनिक गतिविधियों पर असर डालेंगे। इसलिए इन नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।