देवघर। राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने देर रात मेला क्षेत्र का सघन भौतिक निरीक्षण किया।
देर रात प्रमुख स्थलों का जायजा
अंतिम तैयारियों को परखने के लिए उपायुक्त ने बाबा वैद्यनाथ मंदिर मार्ग से लेकर महत्वपूर्ण होल्डिंग पॉइंट्स का दौरा किया:
क्यू कॉम्प्लेक्स और नेहरू पार्क: कांवरियों की कतार व्यवस्था का निरीक्षण।
आईएमसीआर (IMCR): सुरक्षा मानकों और कंट्रोल रूम से निगरानी व्यवस्था का जायजा।
शिवलोक परिसर: आध्यात्मिक थीम और सांस्कृतिक दीर्घा का निरीक्षण।

निरीक्षण के दौरान दिए गए मुख्य निर्देश
कतार व होल्डिंग व्यवस्था: नेहरू पार्क और क्यू कॉम्प्लेक्स में कतार को और अधिक सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। भीड़ बढ़ने पर होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
सुरक्षा एवं निगरानी: आईएमसीआर के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर पैनी नजर रखने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश जारी किए गए।
अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव: शिवलोक परिसर में तैयार की जा रही विशेष थीम का काम समय पर पूरा करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालु आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का अनूठा संगम अनुभव कर सकें।
"श्रावणी मेले में आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी विभाग या संवेदक के कार्य में लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
— सौरभ कुमार भुवानिया, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, देवघर