अमेठी के नुवावा गांव में तालाब में डूब रहे 23 वर्षीय बेटे को बचाने के लिए 42 वर्षीय मां ने लगाई छलांग। दोनों की दर्दनाक मौत से परिवार में कोहराम और पूरे गांव में शोक का माहौल।
अमेठी। जिले के अमेठी कोतवाली क्षेत्र स्थित नुवावा गांव में बुधवार शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तालाब में डूब रहे बेटे को बचाने के चक्कर में मां की भी जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बचाने की कोशिश में गहराई में समाए दोनों
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नुवावा गांव निवासी 23 वर्षीय दीपक विश्वकर्मा (पुत्र रामेश विश्वकर्मा) बुधवार शाम करीब 7 बजे किसी कारणवश गांव के एक गहरे तालाब में गिर गया और डूबने लगा। बेटे को जिंदगी और मौत से जूझता देख उसकी 42 वर्षीय मां गीता देवी ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत तालाब में छलांग लगा दी।
हालांकि, पानी काफी गहरा होने और स्थिति विपरीत होने के कारण मां अपने बेटे को बचा नहीं सकी और दोनों ही तालाब की गहराई में समा गए।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की भनक लगते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। दोनों को तालाब से बाहर निकालकर आनन-फानन में निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अमेठी ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद मां और बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटना की सूचना मिलने पर अमेठी कोतवाली पुलिस तत्काल सीएचसी पहुंची और विधिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
इस दुखद हादसे के बाद से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे नुवावा गांव में सन्नाटा व मातम पसरा हुआ है।
