यूथ अड्डा' के जरिए नई पीढ़ी (Gen Z) को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी योगी सरकार
युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने के लिए की गई महत्वपूर्ण पहल
नई पीढ़ी की बदलती आकांक्षाओं को पहचानकर सीएम योगी ने उठाया दूरदर्शी कदम
योगी सरकार की 'यूथ अड्डा' पहल से UP का युवा बनेगा आत्मनिर्भर। Gen Z के लिए AI, ड्रोन, ई-कॉमर्स और फ्रेंचाइजी मॉडल के साथ 2027 तक 5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य। जानिए पूरी योजना।
लखनऊ। आज की ‘जेनरेशन जेड’ (Gen Z) केवल पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह नई पीढ़ी नवाचार (Innovation), तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देख रही है। 1997 के बाद जन्मे ये युवा स्मार्टफोन और इंटरनेट के साथ बड़े हुए हैं, इसलिए इन्हें केवल रोजगार नहीं, बल्कि मेंटरशिप, नेटवर्किंग और उद्यमिता का एक पूरा इकोसिस्टम चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के इस बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को समय रहते समझा और ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (सीएम युवा) के तहत ‘यूथ अड्डा’ जैसी अभिनव अवधारणा को धरातल पर उतारा। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाला) के बजाय 'जॉब क्रिएटर' (नौकरी देने वाला) बनाना है।
एक ही छत के नीचे बिजनेस का पूरा समाधान
'यूथ अड्डा' कोई पारंपरिक सरकारी प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि इसे एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम (Entrepreneurship Ecosystem) के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ युवाओं को केवल सब्सिडी या लोन की जानकारी ही नहीं मिलती, बल्कि:
बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट: बिजनेस आइडिया से लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में मदद।
बैंकिंग सहायता & लीगल हेल्प: बैंक लोन, उद्यम पंजीकरण और जीएसटी (GST) प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
डिजिटल ब्रांडिंग: गूगल बिजनेस प्रोफाइल, व्हाट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण।
रेडी-टू-यूज़ बिजनेस: जोखिम कम करने के लिए 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल (Franchise Models) की उपलब्धता।
कैंपस से ही रखी जाएगी उद्यमिता की नींव
योगी सरकार का मानना है कि बिजनेस शुरू करने की सोच पढ़ाई खत्म होने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज के दिनों में ही बननी चाहिए। इसीलिए यूथ अड्डा का मुख्य फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई (ITI) के छात्रों पर है।
भविष्य की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए, यूथ अड्डा पर युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ई-कॉमर्स जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि यूपी का युवा वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सके।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर जोर
यूथ अड्डा की पहुंच केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचा रही है।
ग्रामीण विकास: छोटे शहरों और गांवों के युवाओं को समान अवसर दिए जाएंगे।
महिला स्वयं सहायता समूह: महिला समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में सहयोग देकर उनके स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी।
वर्षभर सक्रिय रहेगा मंच: लक्ष्य 2027
यूथ अड्डा पर वर्षभर बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लीनिक, बिजनेस वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक और नारी शक्ति श्रृंखला जैसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे।
सरकार का लक्ष्य (वर्ष 2027 तक):
5 लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना।
₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना।
10,000+ नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना।
25,000+ एमएसएमई (MSME) इकाइयों को मजबूती प्रदान करना।
यूपीकॉन (UPCON) संभाल रहा है कमान
इस पूरी योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCON) को सौंपी गई है।
यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के अनुसार, सीएम युवा योजना के तहत 'यूथ अड्डा' को उद्यमिता का सशक्त मंच बनाया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को ट्रेनिंग, मेंटरशिप, प्रोजेक्ट कंसल्टेंसी और बैंकिंग सहायता देकर विभिन्न विभागों व उद्योगों के साथ जोड़ रहा है। हमारा उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' और $1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करना है।
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