यूपी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर भारी उत्साह। बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के 5.23 लाख शिक्षकों ने eKYC प्रक्रिया पूरी की। जानें योजना से जुड़े सभी बड़े आंकड़े और लाभ।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ उठाने के लिए शिक्षकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। योजना के तहत पंजीकृत कुल 12.89 लाख पात्र शिक्षकों में से 5.23 लाख शिक्षकों ने अपनी ई-केवाईसी (eKYC) की प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी कर ली है।प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन सभी शिक्षकों को जल्द ही कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।

इसके बाद शिक्षक और उनके परिजन सरकारी तथा सम्बद्ध निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे।

मात्र 22 दिनों में 42% ई-केवाईसी पूरीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए इस सुविधा की शुरुआत की थी। योजना लागू होने के मात्र 22 दिनों के भीतर लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षकों ने ई-केवाईसी करा ली है, जो शिक्षकों के बीच इस योजना की लोकप्रियता और तत्परता को दर्शाता है।

विभागवार आंकड़ों पर एक नजर

शिक्षा विभाग कुल पात्र लाभार्थी eKYC पूरी करने वाले शिक्षक प्रतिशत बेसिक

शिक्षा विभाग 11.03 लाख 4.57 लाख 41.4%

माध्यमिक शिक्षा विभाग 1.47 लाख 65,754 44.7%

उच्च शिक्षा विभाग 38,0111 77344 7%


उच्च शिक्षा विभाग के लिए इस योजना की शुरुआत 26 जुलाई को की गई थी और महज कुछ ही दिनों में 47% शिक्षकों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है।

योजना के मुख्य बिंदु:

निःशुल्क इलाज की सीमा: प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज।

कवरेज: सरकारी एवं सूचीबद्ध (Empaneled) निजी अस्पताल।

लाभार्थी: बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक और उनके आश्रित परिजन