बिहार में साइबर ठगों पर कसेगा शिकंजा! मुख्य सचिव और डीजीपी की हाई-लेवल बैठक में हर हफ्ते साइबर मंगलवार मनाने और तुरंत 'Zero FIR' दर्ज करने के निर्देश। पढ़ें कंचन क्रांति की विशेष रिपोर्ट।
ए. आलम, जमुई।
डिजिटल दुनिया के शातिर अपराधियों और साइबर ठगों के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए बिहार सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है। आम जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आज बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने एक बेहद उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस राज्यस्तरीय बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित तमाम जिलों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और इस चुनौती से निपटने के लिए धरातल पर एक बेहद सुदृढ़ कार्य योजना लागू करने का संकल्प जताया।
'जीरो एफआईआर' का ब्रह्मास्त्र: क्षेत्राधिकार का बहाना अब नहीं चलेगा
इस बैठक में जो सबसे बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया, वह है 'Zero FIR' का नियम। अब साइबर ठगी के शिकार लोगों को थानों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बिना किसी क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) के विवाद के तुरंत मामला दर्ज किया जाए, ताकि जांच में एक मिनट की भी देरी न हो। इसके साथ ही, 'मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल' को तेजी से एक्टिव करने को कहा गया है, जिससे ठगे गए पैसों को तुरंत फ्रीज कर पीड़ितों के बैंक खातों में वापस दिलाया जा सके।
हर हफ्ते मनेगा 'साइबर मंगलवार', सोशल मीडिया पर 'सहयोग-समन्वय' का पहरा
आम नागरिकों को डिजिटल डकैतों से बचाने के लिए अब हर सप्ताह "साइबर मंगलवार" एक विशेष जागरूकता अभियान के रूप में पूरे सूबे में मनाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर 'सहयोग पोर्टल' के जरिए तुरंत एक्शन लिया जाएगा और ऐसी आपत्तिजनक सामग्री को फौरन हटाया जाएगा। पुलिस बल की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए 'साइट्रेन' पोर्टल से लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है और चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट पर पैनी नजर रखी जा रही है।
डीएम की जनता से अपील: "सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है"
हाई-लेवल मीटिंग के बाद जमुई के जिला पदाधिकारी ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा: डिजिटल युग में सुरक्षा की पहली सीढ़ी हमारी खुद की सतर्कता है। साइबर अपराधी लोगों के मन में डर और लालच पैदा कर ठगी करते हैं। किसी भी अनजान फोन कॉल, लॉटरी या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जमुई जिला प्रशासन पूरे जिले में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत हर मंगलवार को विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। खुद भी जागरूक बनें और अपने परिवार के बुजुर्गों व बच्चों को भी सचेत करें।
एसपी की सख्त हिदायत: भूलकर भी न शेयर करें OTP और बैंक डिटेल
जमुई के पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा देते हुए डिजिटल लेन-देन के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। एसपी ने सचेत करते हुए कहा कि:
· किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कदापि साझा न करें। कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर ऐसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता।
· लॉटरी, बिजली बिल कटने या बैंक खाता बंद होने के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक्स पर भूलकर भी क्लिक न करें।
· इंटरनेट सर्च इंजन पर मिलने वाले रैंडम कस्टमर केयर नंबरों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइटों के संपर्क सूत्रों पर ही भरोसा करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें ये काम:
एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खाते से उड़ाई गई रकम को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।
..........................................................................................................................................
साइबर मंगलवार अभियान (Cyber Mangalwar Campaign), बिहार साइबर अपराध बैठक (Bihar Cyber Crime Meeting), जमुई साइबर सुरक्षा (Jamui Cyber Security), जीरो एफआईआर साइबर क्राइम (Zero FIR Cyber Crime), हेल्पलाइन नंबर 1930 (Helpline Number 1930), कंचन क्रांति समाचार (Kanchan Kranti News), साइबर धोखाधड़ी से बचाव (Cyber Fraud Prevention)
