बिहार के भूमिहीन स्कूलों को प्राथमिकता पर जमीन मिलेगी और अतिक्रमण हटाया जाएगा। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने नोडल अफसरों की तैनाती और अधिकारियों को हर महीने स्कूल जाने के निर्देश दिए।
पटना। राज्य के भूमिहीन विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, विद्यालयों और खेल के मैदानों से अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई होगी। यह आश्वासन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने सोमवार को अधिवेशन भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के दूसरे दिन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि पिछले दो महीनों में 20 केंद्रीय विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के भूमि संबंधी मामलों के तेजी से निपटारे के लिए डीसीएलआर या एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अफसर के रूप में तैनात किया जाएगा।
डॉ. जायसवाल ने बताया कि राजस्व विभाग को अब तक 147 ऐसे विद्यालयों की सूची प्राप्त हुई है जहां अतिक्रमण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे स्कूलों को अतिक्रमणमुक्त कराने और वहां तक पहुंच पथ (रास्ता) उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है।
शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को तनावमुक्त होकर काम करने की सलाह देते हुए मंत्री ने कहा, "अधिकारी कलम और दिमाग से काम करते हैं, इसलिए मानसिक तनाव से बचना जरूरी है। हर अधिकारी को हर दिन के अंत में अपने कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए और अगले दिन की योजना बनानी चाहिए।" उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि विभागीय सचिव, आरडीडी, डीईओ और डीपीओ स्तर के अधिकारी महीने में कम से कम एक दिन किसी स्कूल का दौरा कर बच्चों से संवाद करें और कक्षा लें।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की पहल से शिक्षकों की समस्याएं लगातार दूर की जा रही हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राजस्व मंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
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