कोल इंडिया ने भर्ती, प्रशिक्षण और प्रोमोशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 14 अगस्त 2026 के बाद जारी होने वाली सभी भर्तियों में अधिकारियों की नियुक्ति ई-1 ग्रेड में होगी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अधिकारियों के प्रवेश स्तर (Entry Level), प्रशिक्षण सह परिवीक्षा (Probation) और प्रारंभिक पदोन्नति से जुड़े मौजूदा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। कोल इंडिया के पॉलिसी सेल द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब कार्यकारी कैडर (Executive Cadre) के सभी नए अधिकारियों—चाहे वे गैर-चिकित्सा क्षेत्र से हों या चिकित्सा क्षेत्र से, की भर्ती केवल ई-1 (E-1) ग्रेड में ही की जाएगी।
यह संशोधित प्रावधान 14 अगस्त 2026 को या उसके बाद जारी होने वाले सभी बाहरी भर्ती विज्ञापनों और विभागीय नियुक्तियों पर प्रभावी रूप से लागू होगा।
ई-1 (E-1) ग्रेड में भर्ती होने वाले नए अधिकारियों का शुरुआती वेतनमान 60,000 रुपये से 1,80,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
चिकित्सा अधिकारियों (Medical Officers/GDMO) की भर्ती भी ई-1 ग्रेड में ही होगी, लेकिन छह महीने की सेवा पूरी होने पर योग्य पाए जाने पर उन्हें ई-2 (E-2) और तत्पश्चात परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर ई-3 (E-3) ग्रेड में पदोन्नत कर 'चिकित्सा विशेषज्ञ' के रूप में नामित किया जाएगा।
निर्धारित एक वर्ष की परिवीक्षा (Probation) अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने पर गैर-चिकित्सा अधिकारियों को आगे के ग्रेड में समायोजित किया जाएगा।
: ई-1 से ई-2 (और योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए ई-2 से ई-3) की नियुक्ति नियमित रिक्ति-आधारित पदोन्नति (Vacancy-based Promotion) नहीं मानी जाएगी। इसके लिए किसी अतिरिक्त प्रोमोशन रिक्ति की उपलब्धता अनिवार्य नहीं होगी।
जिन पदों के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का निर्धारित अनुभव आवश्यक है, वहां नियुक्त किए गए और प्रारंभिक पदोन्नति ढांचे के तहत ई-3 (E-3) ग्रेड में रखे गए मेडिकल विशेषज्ञों की इसके बाद की नियमित पदोन्नति (ई-3 से ई-4 और उससे आगे) सामान्य विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) प्रक्रिया द्वारा ही नियंत्रित होगी। यह पदोन्नति निर्धारित पात्रता मानदंड पूरे होने और रिक्तियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
कोल इंडिया के इस फैसले से नए प्रवेशकों के प्रशिक्षण और करियर के शुरुआती विकास ढांचे में एकरूपता आएगी।