अमजो में विकसित हुआ अत्याधुनिक विज्ञान केंद्र, 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स, ड्रोन, वीआर तकनीक और तारामंडल जैसी सुविधाओं से लैस होगा सेंटर

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।

देवघर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अब विज्ञान और आधुनिक तकनीक की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। झारखंड सरकार की 'नवप्रवर्तन झारखंड' योजना के तहत देवीपुर प्रखंड के अमजो गांव में 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया गया है। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भवन परिसर में विकसित इस विज्ञान केंद्र का उद्घाटन राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन ने किया। इस पहल को जिले में विज्ञान शिक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार, जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी देवी, देवीपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

ग्रामीण बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना प्राथमिकता : मंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि शिक्षा और आधुनिक तकनीक आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत हैं। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराने की है। अमजो में स्थापित यह साइंस सेंटर देवघर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र में 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, ड्रोन प्रोटोटाइप और तारामंडल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से बच्चों को विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और नई तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। इससे वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

मंत्री ने बच्चों और अभिभावकों से डिजिटल तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान दें। इस साइंस सेंटर का भरपूर उपयोग करें, वैज्ञानिक प्रयोगों को समझें और नई तकनीक सीखकर अपने भीतर की वैज्ञानिक प्रतिभा को विकसित करें।

उन्होंने बताया कि साइंस सेंटर को चार प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एक्टिविटी हॉल, भारत की अंतरिक्ष विरासत, इंडियन साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा एंटरटेनमेंट गैलरी शामिल हैं।

जिले के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों का होगा शैक्षणिक भ्रमण : उपायुक्त

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि इस साइंस सेंटर की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से परिचित कराना है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का साइंस सेंटर में एक्सपोजर विजिट यानी शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों को नजदीक से देखने और स्वयं प्रयोग करके सीखने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

उपायुक्त ने बताया कि विज्ञान केंद्र में फन साइंस गैलरी के तहत इन्फिनिटी वेल, प्रैक्सिनोस्कोप, क्लीडोस्कोप, प्रोबेबिलिटी कर्व, पाइथागोरस थ्योरम और पिनहोल कैमरा जैसे वैज्ञानिक प्रदर्शन तैयार किए गए हैं। इसके अलावा साइंस पार्क में पुली लिफ्ट्स लोड, वैल्यू ऑफ पाई, लूप द लूप, लीवर रिड्यूसिस एफर्ट, हू विल विन द रेस, टग ऑफ वार और रोलर कोस्टर जैसे मॉडल भी स्थापित किए गए हैं। यहां टेलीस्कोप और इनोवेशन हब की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

3D प्रिंटिंग से रोबोटिक्स तक, विज्ञान की आधुनिक दुनिया से होगा परिचय

अमजो साइंस सेंटर को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शनों से सुसज्जित किया गया है। यहां FDM और SLA तकनीक वाले 3D प्रिंटर, 3D प्रिंटिंग पेन, राइटिंग रोबोट, रोबोटिक डॉग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक आर्म, बायोनिक रोबोटिक हैंड और पाथ-गाइडेड रोबोट जैसे उपकरण लगाए गए हैं।

बच्चों को ड्रोन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), हाइड्रोपोनिक खेती, वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और 3D होलोग्राम जैसी तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही सैंडबॉक्स प्रोजेक्शन, 3D फ्लोर प्रोजेक्शन, वर्चुअल साइकिल सिम्युलेटर और लीप मोशन कंट्रोलर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

विज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों को रोचक तरीके से समझाने के लिए न्यूटन क्रैडल, प्लाज्मा बॉल, टेस्ला कॉइल, वैन डी ग्राफ जनरेटर, चुंबकीय उत्तोलन, प्रिज्म मॉडल और बैलिस्टिक पेंडुलम जैसे प्रदर्शन भी केंद्र का हिस्सा हैं। वहीं, मानव शरीर की संरचना और कार्यप्रणाली समझने के लिए कंकाल मॉडल, इंटरैक्टिव एनाटॉमी मॉडल, माइक्रोस्कोपी स्टेशन और संरक्षित जैविक नमूनों की व्यवस्था की गई है।

अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर झारखंड की खनिज संपदा तक की जानकारी

साइंस सेंटर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष अभियानों, रॉकेट और अंतरिक्ष यानों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। टेलीस्कोप और तारामंडल गुंबद के माध्यम से बच्चों को खगोल विज्ञान और ब्रह्मांड की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा मंगल रोवर का प्रोटोटाइप और जीवाश्म अनुभाग भी तैयार किया गया है।

झारखंड की खनिज संपदा और औद्योगिक विरासत से बच्चों को परिचित कराने के लिए विभिन्न खनिज नमूने और कोयला खदान की प्रतिकृति भी स्थापित की गई है। नवीकरणीय ऊर्जा के प्रदर्शन मॉडल के जरिए सौर एवं पवन ऊर्जा जैसी वैकल्पिक ऊर्जा तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

केंद्र में रोबोटिक्स एवं IoT किट, प्रोजेक्टर, स्मार्ट एलईडी स्क्रीन, मल्टीटच स्क्रीन, कंप्यूटर, वाई-फाई सर्वर, सीसीटीवी और पावर बैकअप जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इसके साथ ही भवन के नवीनीकरण, आधुनिक फर्नीचर, प्रयोगशाला के अनुकूल व्यवस्था और परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया गया है।

विज्ञान शिक्षा को गांवों तक पहुंचाने की पहल

देवीपुर प्रखंड के अमजो गांव में स्थापित यह साइंस सेंटर ग्रामीण बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ने की पहल है। जिला प्रशासन की ओर से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को यहां शैक्षणिक भ्रमण कराने की घोषणा से जिले के दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी नवाचारों को समझने का अवसर मिलेगा।

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