देवघर प्रशासन की पहल पर मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष से दी गई सहायता राशि, श्रम विभाग ने श्रमिकों से कराया निबंधन कराने की अपील

कंचन क्रांति न्यूज, देवघर।

रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य गए झारखंड के एक प्रवासी श्रमिक की दुर्घटना में मौत के बाद जिला प्रशासन ने उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर शनिवार को श्रम विभाग की ओर से मृतक श्रमिक जितेंद्र रजक की आश्रित मां मोरनी देवी को मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत 50 हजार रुपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदान की गई।

श्रम अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार साह ने सोनारायठाढ़ी प्रखंड के सोनारायठाढ़ी गांव निवासी स्वर्गीय जितेंद्र रजक की मां मोरनी देवी को यह चेक सौंपा। जितेंद्र रजक के पिता का नाम देबु बैठा बताया गया है।

विशाखापत्तनम में पुल निर्माण के दौरान हुआ था हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेंद्र रजक रोजगार के सिलसिले में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पुल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान 7 सितंबर 2026 को पुल से गिरने के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मृतक की आश्रित मां मोरनी देवी ने सहायता राशि के लिए सोनारायठाढ़ी के प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष आवेदन दिया था।

आवेदन की जांच के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रम अधीक्षक, देवघर को भेजा। इसके बाद श्रम अधीक्षक ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उपायुक्त के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष से 50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर चेक के माध्यम से मृतक की मां को उपलब्ध कराई।

इस दौरान श्रम अधीक्षक ने मोरनी देवी और उनके साथ आए परिजनों को प्रवासी श्रमिकों के निबंधन से जुड़ी सरकारी व्यवस्था और इसके लाभों की जानकारी भी दी।

दूसरे राज्यों में काम करने जाने से पहले श्रमिक जरूर कराएं निबंधन

श्रम अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार साह ने झारखंड के श्रमिकों से अपील की कि रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने वाले सभी श्रमिक श्रमाधान पोर्टल पर अपना निबंधन अवश्य कराएं। निबंधन होने से दुर्घटना या अन्य निर्धारित परिस्थितियों में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत पंजीकृत और अपंजीकृत श्रमिकों के लिए अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित है।

दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि

श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना के तहत निर्धारित सहायता राशि इस प्रकार है:

दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा में मृत्यु: पंजीकृत श्रमिक के आश्रित को 2 लाख रुपये तथा अपंजीकृत श्रमिक के आश्रित को 1.50 लाख रुपये।

 दुर्घटना में दोनों आंखों या दोनों अंगों की हानि: पंजीकृत श्रमिक को 2 लाख रुपये तथा अपंजीकृत श्रमिक को 1.50 लाख रुपये।

 दुर्घटना में एक आंख या एक अंग की हानि: पंजीकृत श्रमिक को 1 लाख रुपये तथा अपंजीकृत श्रमिक को 75 हजार रुपये।

 सामान्य मृत्यु की स्थिति में पार्थिव शरीर को पैतृक आवास तक लाने के लिए: पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों श्रमिकों के आश्रितों को अधिकतम 50 हजार रुपये की सहायता।

श्रम विभाग ने श्रमिकों और उनके परिवारों से अपील की है कि दूसरे राज्यों में काम करने जाने से पहले निबंधन की प्रक्रिया पूरी करें और सरकारी योजनाओं की जानकारी रखें, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में परिवार को निर्धारित आर्थिक सहायता मिल सके।

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