कतरास के छाताबाद में भू-धंसान के दूसरे दिन 30 परिवारों ने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और तुरंत पुनर्वास की मांग को लेकर एसटीजी आउटसोर्सिंग का चक्का जाम कर धरना दिया। सांसद ढुलू महतो ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन को सर्वे के दिए निर्देश।
कतरास | झारखंड के कतरास क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद में भू-धंसान (Land Subsidence) की घटना के दूसरे दिन भी इलाके में खौफ और अफरा-तफरी का माहौल कायम है। जमीन धंसने की वजह से भयभीत करीब 30 प्रभावित परिवारों ने अपने-अपने घरों को खाली कर दिया है और सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू, धनबाद सांसद ढुलू महतो, पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो और बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और स्थिति की जानकारी ली।
तत्काल पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने एसटीजी (STG) आउटसोर्सिंग कंपनी का काम पूरी तरह बंद करवाकर चक्का जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन अविलंब प्रभावित परिवारों को किसी सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था करे और उनका नुकसान का मुआवजा दे।
धंसान स्थल का निरीक्षण करने के बाद धनबाद सांसद ढुलू महतो ने मौके से ही धनबाद डीसी, बीसीसीएल सीएमडी और क्षेत्र के जीएम से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का व्यापक तकनीकी सर्वे कराने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षा, राहत सामग्री और आवश्यक सहायता मुहैया कराने को कहा है।
फिलहाल एहतियात के तौर पर मौके पर जिला प्रशासन और बीसीसीएल की सुरक्षा टीमें तैनात हैं।
