फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी और खतरनाक APK फाइल भेजकर देश भर के लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार


देवघर पुलिस ने विशेष अभियान के तहत 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। फर्जी कस्टमर केयर और APK फाइल से देश भर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़।

 

कंचन क्रांति ब्यूरो, देवघर।

देवघर जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री प्रवीण पुष्कर के निर्देशानुसार जिले में चलाए गए एक विशेष छापामारी अभियान के तहत पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध किशोर को निरुद्ध (हिरासत में) किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 14 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड और 2 'प्रतिबिंब' सिम कार्ड बरामद किए हैं।

गुप्त सूचना पर DSP के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

साइबर अपराधियों के खिलाफ की जा रही इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक (DSP) श्री कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 8 जुलाई 2026 को देवघर जिला के मोहनपुर और पथरड्डा ओ.पी. क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस इलाके में कुछ अपराधी फर्जी तरीके से नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं।


गूगल और फ्लिपकार्ट के नाम पर करते थे खेल, यह थी 'मोडस ऑपेरंडी'

पकड़े गए साइबर ठगों की कार्यशैली (Crime Style) बेहद शातिर किस्म की है। पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में इनकी ठगी के निम्नलिखित तरीकों का खुलासा हुआ है:

फर्जी कस्टमर केयर: ये ठग गूगल पे, फोन पे, फ्लिपकार्ट, अमेजन पे और एयरटेल पेमेंट्स बैंक के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक या तकनीकी सहायता का झांसा देते थे।

मैलिसियस APK फाइल: ये अपराधी लोगों के व्हाट्सएप पर पीएम किसान योजना, बिजली बिल अपडेट या आरटीओ (RTO) चालान के नाम से फर्जी APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई इस फाइल को डाउनलोड करता, ये उसके पूरे मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खाता साफ कर देते थे।

क्रेडिट कार्ड ब्लॉक का डर: फर्जी क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन या ब्लॉक होने का लिंक भेजकर भी लोगों को जाल में फंसाते थे।


जब्त मोबाइलों के IMEI नंबर से खुलेगा देशव्यापी नेटवर्क

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए अपराधियों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की जब तकनीकी जांच की गई, तो पता चला कि इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की कई शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अब इनके देशव्यापी नेटवर्क को खंगाल रही है।


गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

1.    अजीत दास (31 वर्ष), पिता- प्रदीप दास, सा०- पुनसिया, थाना- बुढ़ई

2.    सिकंदर दास (26 वर्ष), पिता- कार्तिक दास, सा०- पुनसिया, थाना- बुढ़ई

3.    बुलू दास (30 वर्ष), पिता- अर्जुन दास, सा०- तिलौना, थाना- देवीपुर

4.    शिवम कुमार (20 वर्ष), पिता- संतलाल मंडल, सा०- असाना, थाना- मोहनपुर

5.    गोखुल मंडल (25 वर्ष), पिता- स्व० राजकुमार मंडल, सा०- नागादरी, थाना- करौं

6.    चन्द्र कुमार मंडल (24 वर्ष), पिता- स्व० पुलिस मंडल, सा०- नागादरी, थाना- करौं

7.    ईसाक अंसारी (37 वर्ष), पिता- रसीद मियां, सा०- नागादरी, थाना- करौं

8.    नवाज अंसारी (21 वर्ष), पिता- महमुद अंसारी, सा०- टटकजोरी, थाना- मारगोमुण्डा

9.    मांगन महरा (27 वर्ष), पिता- स्व० वकील महरा, सा०- सिरसा, थाना- पाथरौल

10. संदीप महरा (22 वर्ष), पिता- दिनेश महरा, सा०- सिरसा, थाना- पाथरौल

11. पंकज महरा (27 वर्ष), पिता- सुभाष महरा, सा०- रंगा सिरसा, थाना- पाथरौल

(नोट: इनके अलावा 01 विधि विरुद्ध किशोर को भी निरुद्ध किया गया है।)


छापेमारी टीम में ये रहे शामिल

इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक (पुनि) बिशेश्वर कुमार, पु०नि० संतोष कुमार मंडल, मोहनपुर थाना के स०अ०नि० राकेश कुमार रंजन सहित जिला पुलिस के सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे।

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