बिहार में DRI की बड़ी कार्रवाई! नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस से पेट में 1.5 करोड़ का 'स्विस गोल्ड' छिपाकर ले जा रहा तस्कर गिरफ्तार। ईरान संकट के बाद म्यांमार रूट से शुरू हुई सोने की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कंचनक्रांति ब्यूरो, मुजफ्फरपुर।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सोने के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) की मुजफ्फरपुर यूनिट ने एक ऐसी कामयाबी हासिल की है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। म्यांमार बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे 'स्विट्जरलैंड के सोने' (Swiss Gold) की एक बड़ी खेप को DRI ने बिहार के खगड़िया (मानसी) में दबोच लिया। तस्कर ने चालाकी की सारी हदें पार करते हुए करीब 900 ग्राम सोने के बुलियन को अपने पेट (मलाशय) के अंदर छिपा रखा था। जप्त किए गए सोने की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
तलाशी में नहीं मिला, तो DRI ने मंगाया बॉडी स्कैनर
गिरफ्तार किया गया तस्कर संजय कुमार पांडे राजस्थान के नोखा का रहने वाला है और वह एक शातिर कूरियर एजेंट है। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस की B1 बोगी से जब उसे हिरासत में लिया गया, तो शुरुआती तलाशी में उसके पास से कुछ नहीं मिला। लेकिन DRI के पास पुख्ता इनपुट था। अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उसका बॉडी स्कैन कराया, जिसके बाद पेट के अंदर सोने के बिस्कुट होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मुजफ्फरपुर लाकर मेडिकल प्रक्रिया (शौच) के जरिए सोने को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ईरान संकट के बाद बदला रूट, म्यांमार बना नया हॉटस्पॉट
पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वैश्विक तनाव और ईरान युद्ध के बाद पुराने तस्करी रूट बंद हो चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय तस्करों ने स्विट्जरलैंड से म्यांमार और फिर वहां से गुवाहाटी के रास्ते भारत में सोना खपाने का नया रूट तैयार किया है।
सिंडिकेट का नेटवर्क: पकड़े गए एजेंट ने बताया कि गुवाहाटी पहुंचने के बाद सोने की यह खेप अलग-अलग कूरियर एजेंटों को सौंपी गई थी, जो देश के अलग-अलग राज्यों में जाने वाले थे। संजय पांडे को यह खेप दिल्ली के एक बड़े कारोबारी तक पहुंचानी थी।
फिलहाल, DRI ने दिल्ली और गुवाहाटी के चार बड़े सोना तस्करों को चिन्हित कर लिया है और पूरे देश में इस सिंडिकेट को तोड़ने के लिए छापेमारी चल रही है। आरोपी संजय पांडे को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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