JPSC व JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID ने रांची के कोचिंग संचालक संजीत कुमार और आसनसोल से दलाल दिलीप पासवान को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर।
कंचन क्रांति न्यूज़, रांची। झारखंड में प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ कार्रवाई करते हुए CID ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने JPSC पेपर लीक मामले में रांची के लालपुर स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार और JSSC CGL पेपर लीक मामले में आसनसोल से दिलीप कुमार पासवान नाम के बिचौलिए को दबोचा है।
आसनसोल में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे उत्तर JSSC CGL परीक्षा से ठीक पहले आरोपी दिलीप कुमार पासवान ने अभ्यर्थियों को आसनसोल के एक होटल में ठहराकर प्रश्न-उत्तर रटवाए थे। पूछताछ के दौरान CID को दिलीप के पास से पैसों के लेन-देन के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। उसने उन दो मुख्य चेहरों के नामों का भी खुलासा किया है, जिन्होंने उसे प्रश्नपत्र और उत्तर मुहैया कराए थे। मूल रूप से जमुई के खड़ाईचा का रहने वाला दिलीप वर्तमान में आसनसोल की केन्दा कॉलोनी में रह रहा था।
अभय तिवारी का एजेंट था कोचिंग संचालक संजीत JPSC पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शिवांगन कोचिंग का संचालक संजीत कुमार (निवासी- शिव भवन, कमलाकांत रोड, रातू रोड) लंबे समय से CID की रडार पर था। मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी के बयान में संजीत का नाम सामने आया था। वह अभ्यर्थियों को जोड़ने और नेटवर्क फैलाने के लिए एजेंट के रूप में काम करता था।
बंगाल के नियामतपुर से जुड़ा नेटवर्क, CID की नए सिरे से जांच CID की जांच में सामने आया है कि इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क के तार अंततः ICN के मिथिलेश सिंह से जुड़ रहे हैं। जांच में पश्चिम बंगाल का 'नियामतपुर' एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां अभ्यर्थियों को ले जाकर उत्तर रटवाए जाते थे। इससे पूर्व गिरफ्तार आरोपी अनीश और पटना के राजन कुमार ने भी अभ्यर्थियों को नियामतपुर ले जाकर प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए थे। CID अब पूर्व में डिबार किए गए 28 अभ्यर्थियों और IRB जवानों सहित 15 आरोपियों पर पेपर लीक की सख्त धाराओं के तहत नए सिरे से शिकंजा कसने जा रही है।