जमुई में कम बारिश के बीच किसानों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन। वैकल्पिक फसलों की तैयारी और यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी रोकने के लिए 4 धावा दल गठित। शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी।
कंचन क्रांति ब्यूरो, जमुई।
जमुई जिले में इस साल मानसून की बेरुखी और कम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने, वैकल्पिक फसलों की तैयारी करने और किसानों को सही समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के माननीय सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधियों, जिला कृषि पदाधिकारी श्री हरि मोहन मिश्र तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया और किसानों को संकट से उबारने के लिए कई अहम फैसले लिए।
बारिश की कमी से धान की रोपनी प्रभावित, अब सोमवार को होगी आपदा बैठक
समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में धान के बिचड़े (नर्सरी) का काम तो लक्ष्य का 98 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, लेकिन बारिश न होने के कारण मुख्य धान की रोपनी ठप पड़ी है।
· जिले में कुल निर्धारित आच्छादित रकबा 69,501.20 हेक्टेयर है।
· इसके विपरीत अब तक मात्र 332.50 हेक्टेयर क्षेत्र में ही धान की रोपनी हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का महज 0.48% है।
इस विकट परिस्थिति को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने कम अवधि में तैयार होने वाली आकस्मिक (वैकल्पिक) फसलों के बीज जल्द से जल्द किसानों को मुहैया कराने का सुझाव दिया। वहीं, जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्देश दिया कि अब से प्रत्येक सोमवार को अनिवार्य रूप से आपदा प्रबंधन समिति की विशेष बैठक होगी, ताकि कृषि और जल संकट की जमीनी हकीकत पर पैनी नजर रखी जा सके।
खाद की कोई कमी नहीं, शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर चालू
प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी भी तरह की कालाबाजारी या निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत के लिए जिला कृषि कार्यालय ने विशेष उर्वरक हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
किसान सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच इन नंबरों पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं: 6203941526 , 9801465530, 7903892185
कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं: बने 4 विशेष धावा दल
उर्वरकों के अवैध भंडारण और जमाखोरी को रोकने के लिए पूरे जिले में चार विशेष धावा दलों का गठन किया गया है। ये टीमें थोक और खुदरा उर्वरक दुकानों पर औचक छापेमारी करेंगी। यदि कोई भी दुकानदार तय कीमत से अधिक दाम लेता हुआ या किसी अनियमितता में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे पुलिस और अनुमंडल प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर यह सुनिश्चित करें कि बिचौलिये हावी न हों और हर किसान को उसका हक सही दाम पर मिले।
कंचन क्रांति वर्डिक्ट: कम बारिश के बीच जमुई जिला प्रशासन की यह तत्परता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब जरूरत इस बात की है कि धरातल पर अधिकारी पूरी मुस्तैदी से काम करें ताकि अन्नदाताओं को कोई असुविधा न हो।
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