मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट का ऐतिहासिक और सख्त फैसला। प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही दो मासूम बच्चों की गर्दन मरोड़कर निर्मम हत्या करने वाली कलयुगी मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा।
कंचनक्रांति ब्यूरो, मधुबनी।
बिहार के मधुबनी जिले से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया था जिसने हर इंसान को झकझोर कर रख दिया था। एक मां ने अपने अवैध प्रेम प्रसंग के खातिर ममता का गला घोंटते हुए अपने ही दो फूल से मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी थी। अब इस जघन्य अपराध पर झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने गुरुवार को अपना ऐतिहासिक और बेहद सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने इसे 'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' (दुर्लभ से दुर्लभ) श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी मां और उसके प्रेमी, दोनों को फांसी की सजा (मृत्युदंड) मुकर्रर की है।
झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी आपराधिक मामले में दोषियों को सीधे फांसी की सजा सुनाई गई है।
'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' मानकर कोर्ट ने दी सख्त सजा
इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) श्री अभिषेक रंजन की अदालत में चल रही थी। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने दोषी मां अनीता देवी (23 वर्ष) और उसके प्रेमी जयशंकर मंडल (35 वर्ष) को इस क्रूर हत्याकांड का दोषी पाया।
अदालत का रुख: अदालत ने स्पष्ट किया कि एक मां द्वारा अपने ही मासूम बच्चों की इस कदर बेदर्दी से हत्या करना समाज को झकझोरने वाला कृत्य है, इसलिए यह मामला 'रेयर ऑफ रेयरेस्ट' की श्रेणी में आता है, जिसके लिए मृत्युदंड से कम कोई सजा नहीं हो सकती।
सजा और जुर्माने का विस्तृत विवरण
अदालत ने फांसी के साथ-साथ दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है:
फांसी की सजा: हत्या के जुर्म में अनीता और जयशंकर दोनों को फांसी पर लटकाने का आदेश।
अर्थदंड: दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि मृत बच्चों के पिता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
साक्ष्य मिटाने की सजा: शवों को नदी में फेंककर सबूत नष्ट करने के जुर्म में दोनों को अलग से सात वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
क्या थी वह खौफनाक वारदात?
यह दिल दहला देने वाली घटना 10 जुलाई 2023 की है। अनीता देवी ने अपने प्रेमी जयशंकर के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। वे दोनों अनीता के चार वर्षीय बेटे प्रिंस कुमार और 18 महीने की दुधमुंही बेटी सृष्टि कुमारी को एक कार में बैठाकर घर से करीब 20-22 किलोमीटर दूर घोघरडीहा थाना क्षेत्र में ले गए।
बलान नदी पर बने खाप पुल के पास सुनसान जगह पाकर दोनों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने दोनों मासूमों की बेरहमी से गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी और अपराध छिपाने की नीयत से दोनों के शवों को बलान नदी में फेंक दिया।
ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़कर किया था पुलिस के हवाले
अपराधियों के पाप का घड़ा उसी वक्त भर गया जब स्थानीय लोगों ने अनीता और जयशंकर को पुल से बच्चों के शव नदी में फेंकते हुए अपनी आंखों से देख लिया। इस खौफनाक मंजर को देखकर आक्रोशित भीड़ ने तुरंत दोनों को घेर लिया और उनकी जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों की मदद से चार वर्षीय प्रिंस का शव नदी से बरामद कर लिया गया था, जबकि 18 माह की मासूम सृष्टि का शव दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से निकाला जा सका था। आज अदालत के इस फैसले से इलाके के लोगों ने न्याय व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया है।
Keywords - झंझारपुर कोर्ट न्यूज़, मधुबनी क्राइम न्यूज़, कलयुगी मां को फांसी, मासूम बच्चों की हत्या, रेयर ऑफ रेयरेस्ट केस, फांसी की सजा, जयशंकर मंडल, कंचनक्रांति ब्यूरो।

