राजा पथरोल की 99 साल की लीज का पर्दाफाश; ताजुद्दीन ने कहा- परिवार की सहमति से सराफ को सौंपी जमीन, टार्जन बोले- माफिया से साठ-गांठ कर भाइयों को ठग रहे ताजुद्दीन
कंचन क्रांति ब्यूरो, सुगी पहाड़ी/मधुपुर
देवघर जिले के मधुपुर स्थित चर्चित 'मार्बल हाउस' की जमीन को लेकर जारी खींचतान अब खुलकर सतह पर आ गई है। बुधवार शाम सुगी पहाड़ी स्थित अपने पैतृक आवास पर मोहम्मद ताजुद्दीन शेख ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। मीडिया के सामने ताजुद्दीन शेख ने जमीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए अब तक के घटनाक्रम पर अपनी बात रखी और विपक्षी खेमे पर गंभीर आरोप लगाए।
राजा पथरोल की लीज और समझौते का पूरा गणित

जमीन मालिक के वंशजों की तस्वीर
पत्रकारों से बात करते हुए ताजुद्दीन शेख ने बताया कि मार्बल हाउस से संबंधित विवादित जमीन मूल रूप से मेहराली शेख के नाम पर दर्ज है। यह जमीन दशकों पहले पथरोल के राजा द्वारा 99 वर्षों की लीज पर दी गई थी। लंबे समय तक चले अदालती मुकदमों और कानूनी दांव-पेच के बाद, आखिरकार अभय सराफ के साथ आपसी सहमति से समझौते का रास्ता तय हुआ। ताजुद्दीन का दावा है कि उन्होंने अपने हिस्से की निर्धारित राशि प्राप्त कर ली है और जमीन का हस्तांतरण अभय सराफ को कर दिया गया है।
अवैध कब्जे या धांधली की अफवाहों को खारिज करते हुए ताजुद्दीन ने मीडिया के समक्ष स्टांप पेपर, परिजनों के सहमति पत्र और आपसी रजामंदी के दौरान ली गई तस्वीरें भी पेश कीं। उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार के सभी वंशजों की सहमति से लिया गया है।
5 लाख के लेन-देन का आरोप और टार्जन का तीखा हमला
ताजुद्दीन शेख ने जियाउल हक उर्फ टार्जन पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में उन्होंने टार्जन की बेटी की शादी के समय 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की थी। इसके साथ ही उन्होंने एक नया दावा करते हुए आरोप लगाया कि जियाउल हक ने आज ही अभय सराफ से 5 लाख रुपये लिए हैं, जिसकी पुख्ता जानकारी उन्हें फोन पर मिली है।
वहीं दूसरी ओर, जब संवाददाताओं ने इन आरोपों पर जियाउल हक उर्फ टार्जन का पक्ष जाना, तो उन्होंने ताजुद्दीन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। टार्जन ने पलटवार करते हुए कहा, जो व्यक्ति अपने सगे भाई और परिवार का नहीं हो सका, जो भू-माफियाओं के साथ मिलकर अपने ही भाइयों के हक को दबाने और ठगने का काम कर रहा हो—ऐसे इंसान के बयानों पर प्रतिक्रिया देना भी व्यर्थ है।
सुगी पहाड़ी से बाजार तक गर्माया सियासी पारा
एक तरफ ताजुद्दीन शेख द्वारा कागजी सबूत पेश कर समझौते को जायज ठहराया जा रहा है, तो दूसरी तरफ जियाउल हक द्वारा माफिया से सांठ-गांठ और धोखाधड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस जुबानी जंग और 5 लाख रुपये के लेन-देन के आरोपों के बाद सुगी पहाड़ी से लेकर मधुपुर बाजार तक जमीनी और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फिलहाल पूरा मामला क्षेत्र में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिपोर्ट चंदन ठाकुर की
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