मुजफ्फरपुर के मुशहरी में नाला खुदाई के दौरान पीएनजी गैस पाइपलाइन फटने से रहुआ हाई स्कूल की 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। 5 छात्राओं की हालत गंभीर है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
कंचन क्रांति ब्यूरो, मुजफ्फरपुर।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक प्रशासनिक लापरवाही मासूम बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। मुशहरी प्रखंड के रहुआ गांव के पास नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से बेतरतीब खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की मुख्य पाइपलाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई और हवा में मौत बनकर तेज गैस का रिसाव शुरू हो गया।
देखते ही देखते यह जहरीली गैस पास के ही प्लस-2 रहुआ हाई स्कूल के कमरों तक फैल गई। क्लासरूम में पढ़ाई कर रही मासूम छात्राएं कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही गैस के तीखे झोंकों से उनका दम घुटने लगा। इस हादसे की चपेट में आने से सात छात्राएं मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं।
चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल
छात्राओं के बेहोश होते ही पूरे स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई। बदहवास शिक्षक और ग्रामीण बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े। आनन-फानन में सभी बेहोश छात्राओं को मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन पांच छात्राओं की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया गया। फिलहाल इन पांचों बच्चियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है।
मदद के लिए दौड़ा प्रशासन, खाली कराया गया इलाका
बचाव कार्य जडारी- हादसे ती भयावहता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गैस एजेंसी की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। गैस के रिसाव को रोकने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है और ऐहतियात के तौर पर आसपास के स्कूलों में तुरंत छुट्टी घोषित कर दी गई।
विकास की आड़ में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों?
शुरुआती जांच में जो सच सामने आया है, वो बेहद परेशान करने वाला है। नाला निर्माण के दौरान जमीन के नीचे बिछी गैस पाइपलाइन की सही स्थिति की पूरी तरह अनदेखी की गई। बिना किसी सुरक्षा मानक के जेसीबी से खुदाई की जा रही थी, जिसका खामियाजा आज इन मासूम बच्चियों को भुगतना पड़ा। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और निर्माण कार्य में हुई इस जानलेवा लापरवाही के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। लेकिन सवाल वही है—आखिर इन मासूमों की सुरक्षा से खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन?