मुंगेर में एक अरब रुपये के जॉलीवुड फर्जीवाड़ा मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। समझौते की कोशिशों के बीच हुई छापेमारी में कई डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

  1. करीब एक अरब रुपये के कथित गबन का मामला, छह घंटे चली छापेमारी
  2. दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य जब्त, ईडी खंगाल रही धन का लेन-देन

 

मुंगेर। करीब एक अरब रुपये के कथित गबन एवं निवेश फर्जीवाड़ा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। दो वर्षों से जेल में बंद 'जॉलीवुड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' के सीएमडी जितेंद्र कुमार राजीव और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई को मामले का अहम मोड़ माना जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार, जिस समय ईडी ने दबिश दी, उस दौरान मामले से जुड़े एक अन्य मुकदमे में न्यायालय के माध्यम से समझौते की प्रक्रिया चल रही थी। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि यदि कार्रवाई में विलंब होता, तो कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं डिजिटल साक्ष्य नष्ट किए जा सकते थे। इसी के मद्देनजर ईडी की टीम ने फूलका, नयागांव सिकंदरपुर और सारोंबाग स्थित आरोपितों के आवासों पर करीब छह घंटे तक गहन तलाशी अभियान चलाया।

 

छापेमारी के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर धीरज कुमार और सहायक निदेशक संतोष कुमार के परिसरों की भी विस्तृत जांच की गई। टीम कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त कर अपने साथ ले गई है।

 

उधर, जमाकर्ताओं के बीच यह उम्मीद जगी थी कि यदि न्यायालय के माध्यम से समझौता हो जाता है तो उनकी डूबी हुई रकम वापस मिल सकती है। हालांकि, ईडी की एंट्री के बाद मामला पूरी तरह से केंद्रीय जांच एजेंसी के दायरे में आ गया है। अब सभी की निगाहें जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर टिकी हैं। फिलहाल ईडी की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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