लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के बीच रविवार को एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) होगा, जिसके तहत शिक्षकों और कर्मचारियों को ₹1.5 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा में मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग और पीएनबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे पहले राज्य सरकार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी इसी तरह की सुविधाएं देने के लिए एमओयू कर चुकी है।


मिलेंगी कई बीमा और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं


एमओयू के तहत विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण बीमा लाभ दिए जाएंगे। इनमें ₹1.5 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा, ₹3 करोड़ का हवाई दुर्घटना बीमा, अस्पताल में भर्ती होने पर ₹60,000 तक का अस्पताल नगद लाभ तथा ₹12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा शामिल है।


उच्च शिक्षा विभाग का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।


1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज


राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा डिग्री कॉलेजों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रितों को भी लाभ मिलेगा।


इस योजना के तहत पात्र शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। आगरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे।


सरकार का मानना है कि बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा की ये दोनों योजनाएं उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करेंगी।