फर्रुखाबाद के पंखियन मड़ैया गांव में चारों तरफ बाढ़ के पानी के बावजूद दूल्हा ट्रैक्टर पर सवार होकर 12 किमी का सफर तय कर बारात ले गया और दुल्हन को ब्याह कर ले आया। पढ़ें पूरी अनोखी खबर।
फर्रुखाबाद। आपदा चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर इरादे बुलंद हों तो हर रुकावट छोटी पड़ जाती है। ऐसा ही एक अनोखा मामला फर्रुखाबाद जिले के पंखियन मड़ैया (धर्मपुर कटरी) से सामने आया है, जहां चारों ओर फैले बाढ़ के पानी और डूबी सड़कों के बावजूद दूल्हे के निकाह का उत्साह कम नहीं हुआ। दूल्हा ट्रैक्टर पर सवार होकर 12 किलोमीटर बाढ़ का पानी चीरते हुए पहुंचा और धूमधाम से अपनी दुल्हन को ब्याह कर घर ले आया।
पंखियन मड़ैया निवासी मीर मोहम्मद के पुत्र मुज़म्मिल का निकाह कमालगंज के आजादनगर के सखावत की बेटी से तय हुआ था। तैयारियों के बीच अचानक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में बाढ़ आ गई। शादी की तारीख टालने पर विचार हुआ, लेकिन दूल्हे मुज़म्मिल ने तय समय पर ही निकाह करने का फैसला किया।
शुक्रवार को दूल्हा मुज़म्मिल स्वयं ट्रैक्टर पर बैठा और बाराती ट्रॉली में सवार हुए। 3 से 4 फीट तक भरे बाढ़ के पानी के बीच ट्रैक्टर 12 किलोमीटर का सफर तय करके बिलावलपुर पुलिया तक पहुंचा। वहां से पहले से खड़ी बसों और अन्य वाहनों के जरिए बारात कमालगंज के आजादनगर स्थित दुल्हन के घर पहुंची।
निकाह की सभी रस्में और फरायज अदा होने के बाद, शाम को दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ वापस बिलावलपुर पहुंचा। इसके बाद फिर से उसी ट्रैक्टर पर बैठकर बाढ़ के पानी को पार करते हुए नवविवाहित जोड़ा अपने गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
धर्मपुर कटरी के प्रधान पति शाहिद अली ने बताया कि गांव के आसपास कई किलोमीटर तक पानी भरा है और सड़कों पर तेज बहाव है। गनीमत रही कि सड़कें कटी नहीं थीं, जिससे ट्रैक्टर से बारात निकाली जा सकी। गांव की स्थिति यह है कि:
लगभग हर घर के पास अपनी एक नाव है। लोग एक-दूसरे के घर जाने के लिए नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। गांव के लगभग सभी सदस्यों को तैरना आता है।
