बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नवाबगंज क्षेत्र में दो बहनों को शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी का झांसा देकर उनसे एक लाख रुपये ठग लिए गए। इतना ही नहीं, उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर एक प्राथमिक विद्यालय में ज्वाइन भी करा दिया गया, जहां वे करीब पांच महीने तक बच्चों को पढ़ाती रहीं। वेतन नहीं मिलने पर जब उन्होंने जानकारी जुटाई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पीड़िता रेखा कुमारी, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि भदपुरा ब्लॉक में उनकी मुलाकात दूसरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पति त्रिवेंद्र गंगवार से हुई थी। उसने खुद को प्रभावशाली बताते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।

आरोप है कि उसने दोनों बेटियों की नियुक्ति के बदले 50-50 हजार रुपये की मांग की। रेखा कुमारी ने अक्तूबर और दिसंबर 2025 में कुल एक लाख रुपये उसे दे दिए।

पैसे लेने के बाद आरोपी ने दोनों बहनों को कथित नियुक्ति पत्र दिए और उन्हें बिहारीपुर अब्दुल रहमान गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में ज्वाइन करा दिया। दोनों बहनें नियमित रूप से करीब पांच महीने तक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती रहीं।

कई महीने बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला तो दोनों ने शिक्षा विभाग और अन्य लोगों से जानकारी ली। जांच में पता चला कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह फर्जी थी और शिक्षा विभाग की ओर से ऐसी कोई भर्ती ही नहीं निकाली गई थी। इसके बाद उनकी मां ने नवाबगंज थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।


भदपुरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विजय कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से ऐसी कोई भर्ती नहीं निकाली गई है। उन्होंने कहा कि दोनों युवतियों को विद्यालय में किसने और किस आधार पर ज्वाइन कराया, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।